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यूपी बोर्ड ने नहीं भेजा 430 शिक्षकों का बकाया 19 लाख रुपया
Updated Tue, 20 Mar 2018 08:58 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मथुरा। बोर्ड परीक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन करने के एवज में मिलने वाले पारिश्रमिक के लिए शिक्षक एक साल से भटक रहे हैं। शासन ने इसके लिए बजट ही जारी नहीं किया है। धनराशि न आने के चलते 430 से अधिक शिक्षक परेशान हैं। बोर्ड ने इन शिक्षकों बकाया 19 लाख रुपया अब तक नहीं भेजा है। यह शिक्षक इस साल भी बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं की कापियों के मूल्यांकन में जीआईसी, वित्त पोषित और वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को लगाया जाता है। इसमें परीक्षकों को हाईस्कूल की कापी जांचने के लिए आठ रुपये और इंटर की कापी जांचने के लिए 10 रुपये प्रति कापी निर्धारित है। बीते साल जीआईसी मथुरा में करीब 650 शिक्षकों ने मूल्यांकन का कार्य किया था। इनकी मूल्यांकन धनराशि तकरीबन 30 लाख रुपये बनी थी, लेकिन सरकार ने मात्र 11 लाख रुपये ही भेजे।
इस धनराशि से करीब 220 शिक्षकों को ही भुगतान हो सका है। शेष शिक्षक आज भी पारिश्रमिक के लिए भटक रहे हैं। जीआईसी प्रधानाचार्य डा. संतोष सारस्वत ने बताया सरकार से 11 लाख का बजट आया था जिसे वितरित कर दिया गया है। शेष धनराशि के लिए पत्र लिखा गया है धनराशि आते ही वितरित कर दिया जाएगा।
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बोर्ड परीक्षाओं की कापियों के मूल्यांकन में जीआईसी, वित्त पोषित और वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को लगाया जाता है। इसमें परीक्षकों को हाईस्कूल की कापी जांचने के लिए आठ रुपये और इंटर की कापी जांचने के लिए 10 रुपये प्रति कापी निर्धारित है। बीते साल जीआईसी मथुरा में करीब 650 शिक्षकों ने मूल्यांकन का कार्य किया था। इनकी मूल्यांकन धनराशि तकरीबन 30 लाख रुपये बनी थी, लेकिन सरकार ने मात्र 11 लाख रुपये ही भेजे।
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इस धनराशि से करीब 220 शिक्षकों को ही भुगतान हो सका है। शेष शिक्षक आज भी पारिश्रमिक के लिए भटक रहे हैं। जीआईसी प्रधानाचार्य डा. संतोष सारस्वत ने बताया सरकार से 11 लाख का बजट आया था जिसे वितरित कर दिया गया है। शेष धनराशि के लिए पत्र लिखा गया है धनराशि आते ही वितरित कर दिया जाएगा।
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