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ग्राम पंचायतों की जांच पर सियासत की आंच
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:05 PM IST
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एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों की जांच पर सियासत की आंच पड़ रही है। प्रधानों और पंचायत सचिवों को बचाने में सत्ताधारी दल के नेता बचाने में लगे हैं। नेताजी की दम पर पंचायत सचिव जमकर मनमानी कर रहे हैं।
जिले में करीब 40 ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है। इनमें अधिकांश गांव ऐसे में जिनकी जांच को एक साल पूरा होने का आ गया है। पहले तो अधिकारी ग्राम पंचायतों की जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत प्रधानों और सचिवों पर सत्ताधारी दल के एक नेता की मेहरबानी से जांच की फाइलें दबा दी गई हैं। शीतलपुर ब्लॉक की एक बड़ी पंचायत के सचिव और प्रधान की मनमानी का आलम यह है कि उन्होंने पूरे वर्ष में खर्च हुए धन की अब तक फीडिंग नहीं कराई है। वहीं इसी ब्लॉक की एक और ग्राम पंचायत की जांच को अधर में लटके हुए छह महीने से ज्यादा का वक्त हो चला है, मगर अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। अधिकारियों की मानें तो पंचायत सचिवों के खिलाफ लगातार कार्रवाइयां हो रही हैं। मगर हकीकत यह है कि कुछ ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी को विभाग के अधिकारी ही जान बूझकर अनदेखा कर रहे हैं। सीडीओ उग्रसेन पांडेय बताते हैं कि ग्राम पंचायतों के घोटालों की जांच तेजी से चल रही है। हर ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो बार जांच, मगर कार्रवाई अधर
ग्राम पंचायत छितौनी में हुए शौचालय निर्माण की दो बार जांच हो चुकी है। दोनों बार ही गांव में गबन की पुष्टि हुई है, लेकिन अब तक कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। प्रशासन की सुस्ती से ग्रामीणों में रोष है।
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जिले में करीब 40 ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है। इनमें अधिकांश गांव ऐसे में जिनकी जांच को एक साल पूरा होने का आ गया है। पहले तो अधिकारी ग्राम पंचायतों की जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत प्रधानों और सचिवों पर सत्ताधारी दल के एक नेता की मेहरबानी से जांच की फाइलें दबा दी गई हैं। शीतलपुर ब्लॉक की एक बड़ी पंचायत के सचिव और प्रधान की मनमानी का आलम यह है कि उन्होंने पूरे वर्ष में खर्च हुए धन की अब तक फीडिंग नहीं कराई है। वहीं इसी ब्लॉक की एक और ग्राम पंचायत की जांच को अधर में लटके हुए छह महीने से ज्यादा का वक्त हो चला है, मगर अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। अधिकारियों की मानें तो पंचायत सचिवों के खिलाफ लगातार कार्रवाइयां हो रही हैं। मगर हकीकत यह है कि कुछ ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी को विभाग के अधिकारी ही जान बूझकर अनदेखा कर रहे हैं। सीडीओ उग्रसेन पांडेय बताते हैं कि ग्राम पंचायतों के घोटालों की जांच तेजी से चल रही है। हर ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दो बार जांच, मगर कार्रवाई अधर
ग्राम पंचायत छितौनी में हुए शौचालय निर्माण की दो बार जांच हो चुकी है। दोनों बार ही गांव में गबन की पुष्टि हुई है, लेकिन अब तक कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। प्रशासन की सुस्ती से ग्रामीणों में रोष है।
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