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वेंटीलेटर न मिलने पर मरीज की मौत, हंगामा
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:10 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर नहीं मिलने से ब्रेन हैमरेज के मरीज की मौत हो गई। आईसीयू में बेड खाली नहीं होने की बात कहकर मरीज को भर्ती नहीं किया गया था। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने प्राचार्य कार्यालय पर हंगामा किया।
फिरोजाबाद निवासी अब्दुल नईम (65) एसएन के सर्जरी विभाग में भर्ती थे। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मरीज के दिमाग की नस फट गई। तत्काल चिकित्सकों ने इसे आइसीयू में रेफर कर दिया। मरीज को जब आइसीयू लेकर पहुंचे तो वहां बेड खाली नहीं था। कुछ देर बाद ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
मृतक के बेटे राजा खान ने लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि आइसीयू में बेड मिल जाता तो उसके पिता की जान बचाई जा सकती है। आइसीयू प्रभारी डॉ. त्रिलोक चंद्र का कहना है कि आइसीयू में बेड खाली नहीं होने से मरीज को भर्ती कर पाना संभव नहीं था। इलाज करने वाले डॉ. आकाश का कहना है कि दिमाग की नस फटने से इनकी हालत बेहद नाजुक थी। इसी वजह से आइसीयू रेफर किया गया था।
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बेड कम और तकनीकी स्टाफ की कमी
एसएन मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर में तीन और सर्जरी विभाग स्थित आइसीयू में 10 बेड की व्यवस्था है। सर्जरी विभाग में आइसीयू के लिए महज एक स्टाफ नर्स है तो टेक्नीशियन है ही नहीं। जूनियर रेजीडेंट ही इस कार्य को कर रहे हैं। बेड-वेंटीलेटर की संख्या के साथ ही टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स की कमी है। एसआइसी डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि पूरे कॉलेज में 176 स्टाफ नर्स और 35 टेक्नीशियन हैं। दोनों की जरूरत करीब 350 है, इसके लिए शासन को लिखा जा चुका है।
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फिरोजाबाद निवासी अब्दुल नईम (65) एसएन के सर्जरी विभाग में भर्ती थे। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मरीज के दिमाग की नस फट गई। तत्काल चिकित्सकों ने इसे आइसीयू में रेफर कर दिया। मरीज को जब आइसीयू लेकर पहुंचे तो वहां बेड खाली नहीं था। कुछ देर बाद ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
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मृतक के बेटे राजा खान ने लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि आइसीयू में बेड मिल जाता तो उसके पिता की जान बचाई जा सकती है। आइसीयू प्रभारी डॉ. त्रिलोक चंद्र का कहना है कि आइसीयू में बेड खाली नहीं होने से मरीज को भर्ती कर पाना संभव नहीं था। इलाज करने वाले डॉ. आकाश का कहना है कि दिमाग की नस फटने से इनकी हालत बेहद नाजुक थी। इसी वजह से आइसीयू रेफर किया गया था।
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बेड कम और तकनीकी स्टाफ की कमी
एसएन मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर में तीन और सर्जरी विभाग स्थित आइसीयू में 10 बेड की व्यवस्था है। सर्जरी विभाग में आइसीयू के लिए महज एक स्टाफ नर्स है तो टेक्नीशियन है ही नहीं। जूनियर रेजीडेंट ही इस कार्य को कर रहे हैं। बेड-वेंटीलेटर की संख्या के साथ ही टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स की कमी है। एसआइसी डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि पूरे कॉलेज में 176 स्टाफ नर्स और 35 टेक्नीशियन हैं। दोनों की जरूरत करीब 350 है, इसके लिए शासन को लिखा जा चुका है।