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मरीजो को सुविधाएं देने के लिए पीपीपी मॉडल की तैयारी
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:04 AM IST
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मथुरा (ब्यूरो)। जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के चलते अब प्रशासन प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रोगियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की तरफ से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
बीते दिनों डीएम डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्हें बताया गया कि अस्पताल में स्टॉफ की कमी के चलते ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद पड़ी है। मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे है। मरीजों को कई अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
इस पर डीएम ने अस्पताल प्रशासन से प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चर्चा की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरके नैय्यर ने बताया जिला अस्पताल में चिकित्सकाें और स्टाफकी कमी की बड़ी समस्या है। बताया कि इसके लिये सेंट्रल रजिस्ट्रेशन की भी बात सामने आई है।
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इससे एक जगह रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज किसी भी विभाग में जाकर अपना उपचार करा सके गा। इसके साथ ही कुछ सेवाओं के लिए पीपीपी मॉडल पर भी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को कहा गया है।
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बीते दिनों डीएम डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्हें बताया गया कि अस्पताल में स्टॉफ की कमी के चलते ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद पड़ी है। मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे है। मरीजों को कई अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
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इस पर डीएम ने अस्पताल प्रशासन से प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चर्चा की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरके नैय्यर ने बताया जिला अस्पताल में चिकित्सकाें और स्टाफकी कमी की बड़ी समस्या है। बताया कि इसके लिये सेंट्रल रजिस्ट्रेशन की भी बात सामने आई है।
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इससे एक जगह रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज किसी भी विभाग में जाकर अपना उपचार करा सके गा। इसके साथ ही कुछ सेवाओं के लिए पीपीपी मॉडल पर भी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को कहा गया है।