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दो हत्यारों को आजीवन कारावास
Updated Mon, 11 Jun 2018 10:25 PM IST
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मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में 13 साल पहले रंजिश के चलते युवक की गोली मारकर हत्या करने के दो आरोपियों को एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह ने आजीवन कारावास दी है। उनको 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना करहल के सैयदपुर केहरी निवासी गिरंद सिंह 22 अप्रैल 2005 की शाम छह बजे अपने भाई बादाम सिंह के साथ खेत पर गेहूं काट रहे थे। आरोप है तभी रंजिश के चलते गांव के अटल बिहारी, तिलक सिंह, व दो किशोरों ने गिरंद की गोली मारकर हत्या कर दी। बादाम सिंह ने चारों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के बाद चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने हत्या के संबंध में गवाही दी।
गवाही के आधार पर एफटीसी जज ने अटल बिहारी तथा तिलक सिंह को हत्या का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने उनके अपराध को देखते हुए सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने उनको आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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गिरंद की हत्या करने के दो आरोपी उनकी सुनवाई में नाबालिग पाए गए। उनकी ओर से नाबालिग होने के साक्ष्य न्यायालय में दिए गए। आरोपियों के नाबालिग साबित होने पर उनका मुकदमा किशोर न्यायालय में भेजा गया। दोनों का मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है। हत्या का बदला लेने के लिए आरोपियों ने गिरंद की हत्या की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाही में यह बात सामने आई। गिरंद ने कई साल पहले आरोपियों के परिवार के एक आदमी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें गिरंद जेल गया था। इसी रंजिश के चलते गिरंद की हत्या की गई।
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थाना करहल के सैयदपुर केहरी निवासी गिरंद सिंह 22 अप्रैल 2005 की शाम छह बजे अपने भाई बादाम सिंह के साथ खेत पर गेहूं काट रहे थे। आरोप है तभी रंजिश के चलते गांव के अटल बिहारी, तिलक सिंह, व दो किशोरों ने गिरंद की गोली मारकर हत्या कर दी। बादाम सिंह ने चारों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के बाद चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने हत्या के संबंध में गवाही दी।
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गवाही के आधार पर एफटीसी जज ने अटल बिहारी तथा तिलक सिंह को हत्या का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने उनके अपराध को देखते हुए सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने उनको आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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गिरंद की हत्या करने के दो आरोपी उनकी सुनवाई में नाबालिग पाए गए। उनकी ओर से नाबालिग होने के साक्ष्य न्यायालय में दिए गए। आरोपियों के नाबालिग साबित होने पर उनका मुकदमा किशोर न्यायालय में भेजा गया। दोनों का मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है। हत्या का बदला लेने के लिए आरोपियों ने गिरंद की हत्या की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाही में यह बात सामने आई। गिरंद ने कई साल पहले आरोपियों के परिवार के एक आदमी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें गिरंद जेल गया था। इसी रंजिश के चलते गिरंद की हत्या की गई।