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सरकार से भी नहीं डरते हैं मथुरा के अफसर
Updated Sat, 14 Apr 2018 08:22 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। मथुरा जनपद के अफसर सरकार से भी नहीं डरते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर हेल्प लाइन के माध्यम से दर्ज हो रही शिकायतों के निस्तारण में भी उनकी कोई खास रुचि नहीं है। पिछले माह ही जन शिकायतों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्प लाइन को भी इन अफसरों ने नकार दिया है। जिले के ऐसे 13 अफसरों को चेतावनी जारी की गई है।
योगी सरकार ने जन शिकायत निस्तारण की प्रभावी कार्यवाही के लिए पिछले माह ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की है। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है। हेल्पलाइन पर मोबाइल कॉल से शिकायत दर्ज होती है। तत्काल ही संबंधित अफसर को इस शिकायत से अवगत कराते हुए उसे पोर्टल पर भी दर्ज कर दिया जाता है। निर्धारित अवधि के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से शिकायतकर्ता से इसकी जानकारी भी ली जा रही है।
लेकिन, राज्य सरकार की यह सभी व्यवस्थाएं मथुरा के अफसरों के समक्ष बौनी साबित हो रही हैं। मथुरा के अफसर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज हो रही शिकायतों के निस्तारण में रुचि ही नहीं ले रहे हैं। शिकायत यह भी मिल रही है कि हेल्प लाइन पर दर्ज हो रहीं जनशिकायतों का फर्जी निस्तारण भी मथुरा के अफसरों ने शुरू कर दिया है।
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इसकी समीक्षा दौरान एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने जिले के 13 अफसरों को चेतावनी जारी की है। इसमें जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता अपर खंड आगरा नगर, नोडल अधिकारी विद्युत, खान निरीक्षक, उप नगर आयुक्त नगर निगम, संपत्ति प्रबंधक आवास विकास, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी प्रांतीय खंड, उप निदेशक निर्माण कृषि मंडी, सहायक विकास अधिकारी चौमुहां, खंड विकस अधिकारी नौहझील, खंड शिक्षाधिकारी मथुरा, प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी, सीएचसी मांट शामिल हैं।
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योगी सरकार ने जन शिकायत निस्तारण की प्रभावी कार्यवाही के लिए पिछले माह ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की है। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है। हेल्पलाइन पर मोबाइल कॉल से शिकायत दर्ज होती है। तत्काल ही संबंधित अफसर को इस शिकायत से अवगत कराते हुए उसे पोर्टल पर भी दर्ज कर दिया जाता है। निर्धारित अवधि के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से शिकायतकर्ता से इसकी जानकारी भी ली जा रही है।
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लेकिन, राज्य सरकार की यह सभी व्यवस्थाएं मथुरा के अफसरों के समक्ष बौनी साबित हो रही हैं। मथुरा के अफसर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज हो रही शिकायतों के निस्तारण में रुचि ही नहीं ले रहे हैं। शिकायत यह भी मिल रही है कि हेल्प लाइन पर दर्ज हो रहीं जनशिकायतों का फर्जी निस्तारण भी मथुरा के अफसरों ने शुरू कर दिया है।
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इसकी समीक्षा दौरान एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने जिले के 13 अफसरों को चेतावनी जारी की है। इसमें जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता अपर खंड आगरा नगर, नोडल अधिकारी विद्युत, खान निरीक्षक, उप नगर आयुक्त नगर निगम, संपत्ति प्रबंधक आवास विकास, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी प्रांतीय खंड, उप निदेशक निर्माण कृषि मंडी, सहायक विकास अधिकारी चौमुहां, खंड विकस अधिकारी नौहझील, खंड शिक्षाधिकारी मथुरा, प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी, सीएचसी मांट शामिल हैं।