{"_id":"5aa6c5c24f1c1bc4758b50a1","slug":"81520879042-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानाचार्य को धमकाने के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानाचार्य को धमकाने के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। थाना उत्तर के प्रमुख इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल से 25 लाख की चौथ मांगने, बेटा और बेटी का अपहरण करके हत्या करने एवं ट्रिक फोटोग्राफी के माध्यम से बदनाम करने की धमकी देने के प्रमुख चार आरोपियों की न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामला थाना उत्तर क्षेत्र का है। स्कूल के डायरेक्टर ने थाना पुलिस को तहरीर दी थी कि उनकी पत्नी को मोबाइल पर 25 लाख की चौथ वसूली की धमकी दी गई थी। चौथ नहीं देने पर ट्रिक फोटोग्राफी के माध्यम से बदनाम किए जाने की बात कही गई। धनराशि नहीं देने पर बेटा-बेटी के अपहरण कर लेने और हत्या किए जाने की धमकी दी।
थाना पुलिस ने धारा 384 एवं 506 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 17 जनवरी 2018 को प्रशांत मित्तल, मोनू शर्मा, राजकुमार उर्फ राजू व धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। न्यायालय भेजने से पूर्व पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा को बढ़ाया था। चारों आरोपियों की जमानत अर्जी प्रार्थनापत्र को अपर जिला जज तृतीय पीके जैन के यहां स्थानांतरित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र यादव एवं अब्दुल सलाम एडवोकेट ने की। उन्होंने हाईकोर्ट की तमाम दलीलों को देने के साथ ही चारों की जमानत अर्जी को निरस्त करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला थाना उत्तर क्षेत्र का है। स्कूल के डायरेक्टर ने थाना पुलिस को तहरीर दी थी कि उनकी पत्नी को मोबाइल पर 25 लाख की चौथ वसूली की धमकी दी गई थी। चौथ नहीं देने पर ट्रिक फोटोग्राफी के माध्यम से बदनाम किए जाने की बात कही गई। धनराशि नहीं देने पर बेटा-बेटी के अपहरण कर लेने और हत्या किए जाने की धमकी दी।
विज्ञापन
थाना पुलिस ने धारा 384 एवं 506 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 17 जनवरी 2018 को प्रशांत मित्तल, मोनू शर्मा, राजकुमार उर्फ राजू व धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। न्यायालय भेजने से पूर्व पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा को बढ़ाया था। चारों आरोपियों की जमानत अर्जी प्रार्थनापत्र को अपर जिला जज तृतीय पीके जैन के यहां स्थानांतरित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र यादव एवं अब्दुल सलाम एडवोकेट ने की। उन्होंने हाईकोर्ट की तमाम दलीलों को देने के साथ ही चारों की जमानत अर्जी को निरस्त करा दिया।
विज्ञापन