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फोटो खींच कर वापस लिए स्वेटर, गुरुजी की जेब हो रही गरम
Updated Tue, 06 Feb 2018 11:49 PM IST
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फिरोजाबाद। स्वेटर वितरण में धांधली का खेल शुरु हो गया है। फोटो खिंचाने के लिए स्वेटर दुकानों से किराये पर मंगाकर वितरित हो रहे हैं। वही स्वेटर दूसरे स्कूलों में पहुंचाए जा रहे हैं। फोटो खींचने के बाद दुकानों पर स्वेटर वापस हो रहे हैं। नगर क्षेत्र एवं देहातों में खेल चल रहा है।
योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए स्वेटर वितरण की योजना शुरु की थी। दो सौ रुपये प्रति स्वेटर की दर से धनराशि निर्धारित कर खाते में भेजी। बच्चों को ठंड से बचाने के बजाय गुरुजी ने अपनी जेब गरम करनी शुरु दी है। शासन ने हर हाल में 10 फरवरी तक स्वेटर वितरण के निर्देश दिए थे। बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपम जयसवाल ने बीएसए को लखनऊ बुलाकर लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी थी, लेकिन शिक्षकों ने स्वेटर वितरण योजना को मजाक बना दिया है।
सोमवार को शहर के दो प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने बच्चों को स्वेटर पकड़ा कर व्हाट्स अप पर फोटो भेजे। फोटो खिंचाने के बाद बच्चों से स्वेटर वापस ले लिए। यहां से वही स्वेटर एक अन्य प्राथमिक विद्यालय में गए। यहां भी बच्चों को स्वेटर पकड़ा कर फोटो खींचने के बाद दुकान पर वापस कर दिए। कई बच्चों ने घर जाकर इस बारे में बताया तो अभिभावकों में आक्रोश पनप गया। सोमवार को जिन विद्यालयों में स्वेटर वितरण के फोटो दिए थे, मंगलवार को उन स्कूलों कोई बच्चा स्वेटर पहने नहीं दिखा। यह खेल शिक्षा विभाग के आकंडे़ पूरा करने के लिए खेला जा रहा है।
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योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए स्वेटर वितरण की योजना शुरु की थी। दो सौ रुपये प्रति स्वेटर की दर से धनराशि निर्धारित कर खाते में भेजी। बच्चों को ठंड से बचाने के बजाय गुरुजी ने अपनी जेब गरम करनी शुरु दी है। शासन ने हर हाल में 10 फरवरी तक स्वेटर वितरण के निर्देश दिए थे। बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपम जयसवाल ने बीएसए को लखनऊ बुलाकर लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी थी, लेकिन शिक्षकों ने स्वेटर वितरण योजना को मजाक बना दिया है।
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सोमवार को शहर के दो प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने बच्चों को स्वेटर पकड़ा कर व्हाट्स अप पर फोटो भेजे। फोटो खिंचाने के बाद बच्चों से स्वेटर वापस ले लिए। यहां से वही स्वेटर एक अन्य प्राथमिक विद्यालय में गए। यहां भी बच्चों को स्वेटर पकड़ा कर फोटो खींचने के बाद दुकान पर वापस कर दिए। कई बच्चों ने घर जाकर इस बारे में बताया तो अभिभावकों में आक्रोश पनप गया। सोमवार को जिन विद्यालयों में स्वेटर वितरण के फोटो दिए थे, मंगलवार को उन स्कूलों कोई बच्चा स्वेटर पहने नहीं दिखा। यह खेल शिक्षा विभाग के आकंडे़ पूरा करने के लिए खेला जा रहा है।
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