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जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की नहीं व्यवस्था
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:09 PM IST
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swine flu
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कासगंज।
देश में स्वाइन फ्लू की दस्तक हो चुकी है। दिल्ली में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे है। कई लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास इसका इलाज तो दूर की बात है जंच तक के इंतजाम नहीं है।
स्वाइन फ्लू काफी खतरनाक बीमारी होती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास बीमारी से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर जो लैब हैं उनमें मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, आदि सामान्य जांच की ही व्यवस्था है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए यहां पर कोई इंतजाम नहीं है।
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विभाग के पास 95 पदों के सापेक्ष मात्र दो दर्जन चिकित्सक ही मौजूद हैं। चिकित्सकों के पर्याप्त इंतजाम न होने से ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र काफी समय से बंद पड़े हैं। जिला चिकित्सालय सहित ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालय में भी पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं। चिकित्सकों की कमी से आम दिनों में ही मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में स्वाइन फ्लू फैलने की स्थिति बनने पर स्वास्थ्य विभाग कैसे निपटेगा, स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
- स्वाइन फ्लू के लक्षण आम तौर पर साधारण फ्लू की तरह ही होते हैं।
- खांसी, सर्दी, जुकाम व नाक बहना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- कमजोरी, बेचैनी व चिड़चिड़ापन महसूस होना।
- आलस आना, बेहोश हो जाना अथवा ठीक से खड़े न हो पाना।
- लंबे समय तक तेज बुखार।
- तरल पदार्थ पीने में कठिनाई।
- सीने, गले अथवा पेट में दर्द होना।
- गले में खराश या उल्टी-दस्त की शिकायत।
- भूख न लगना, कफ बनना।
फ्लू और सामान्य सर्दी में भेद-
- सर्दी लगने पर बुखार अमूमन नहीं आता, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर 100-102 डिग्री बुखार आम है।
- सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर काफी सरदर्द होता है और असहनीय बदन दर्द होता है।
- सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है परंतु स्वाइन फ्लू से अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
- सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है, परंतु स्वाइन फ्लू होने से नाक अमूमन जाम नहीं होती।
क्या रखें सावघानी-
- अपने हाथों को लगातार साबुन से घोते रहें। घर, ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे।
- यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर न जाएं और दूसरों के नजदीक न जाएं।
- बुखार ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाड्रेशन न हो।
- संभव हो तो फेस मास्क पहने लें।
जनपद में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसकी जांच के देश की कुछ लेवों पर ही इंतजाम है। विभाग के पास उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है -
डा. रंगजी दुबे, मुख्य चिकित्साधिकारी।