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एसएन में नहीं खुल सका पोस्टमार्टम ट्रेनिंग सेंटर
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:40 AM IST
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आगरा। पोस्टमार्टम के विशेषज्ञ तैयार करने वाली महत्वाकांक्षी योजना ठप पड़ी है। सपा सरकार की इस योजना पर योगी सरकार उदासीन बनी हुई है। एसएन मेडिकल कालेज में शुरू होने वाले पोस्टमार्टम ट्रेनिंग सेंटर पर ब्रेक लग गया है।
प्रदेश में पोस्टमार्टम करने के विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की योजना बनाई थी। इसका सेंटर एसएन कालेज में बनना था। यहां प्रदेश भर से स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को पोस्टमार्टम करने का प्रशिक्षण दिया जाना था।
चिकित्सकों का चयन संबंधित जिले के स्वास्थ्य अधिकारी करते। पिछली सरकार में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई थी। एसआइसी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि चयनित चिकित्सकों को पोस्टमार्टम का प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर खोला जाना था। अभी तक नई सरकार से इस पर कोई पहल नहीं हुई है।
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आगरा की बात करें तो यहां पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की कमी है। सीएमओ की ओर से महीने में 30 डाक्टरों की ड्यूटी लगती है। मतलब एक दिन के लिए एक चिकित्सक को ये जिम्मेदारी निभानी होती। कई बार तो एक ही चिकित्सक को 4-5 शवों का पोस्टमार्टम करना पड़ता। इससे पहले संबंधित चिकित्सक को ओपीडी भी करनी होती।
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प्रदेश में पोस्टमार्टम करने के विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की योजना बनाई थी। इसका सेंटर एसएन कालेज में बनना था। यहां प्रदेश भर से स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को पोस्टमार्टम करने का प्रशिक्षण दिया जाना था।
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चिकित्सकों का चयन संबंधित जिले के स्वास्थ्य अधिकारी करते। पिछली सरकार में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई थी। एसआइसी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि चयनित चिकित्सकों को पोस्टमार्टम का प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर खोला जाना था। अभी तक नई सरकार से इस पर कोई पहल नहीं हुई है।
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आगरा की बात करें तो यहां पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की कमी है। सीएमओ की ओर से महीने में 30 डाक्टरों की ड्यूटी लगती है। मतलब एक दिन के लिए एक चिकित्सक को ये जिम्मेदारी निभानी होती। कई बार तो एक ही चिकित्सक को 4-5 शवों का पोस्टमार्टम करना पड़ता। इससे पहले संबंधित चिकित्सक को ओपीडी भी करनी होती।