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ताजगंज प्रोजेक्ट: नाला सफाई न होने से जलभराव
Updated Fri, 09 Jun 2017 10:35 PM IST
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आगरा। ताजमहल पश्चिमी गेट पर फुटपाथ पर हुआ जलभराव शुक्रवार को भी बना रहा। राजकीय निर्माण निगम ने जलभराव के लिए नगर निगम पर आरोप मढ़ा है। निगम ने सफाई दी कि पश्चिमी गेट पर नीम तिराहे के पास नाले की सफाई नहीं की गई। अक्तूबर में ताजगंज प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा होने के बाद से ही नालियां और नाला साफ नहीं किया गया। इसी कारण पश्चिमी गेट स्थित रेस्टोरेंट के बाहर पानी भर गया।
गुरुवार को चंद मिनटों की बारिश के बाद ही ताजगंज पश्चिमी गेट पर आईटीडीसी रेस्टोरेंट के बाहर पानी भर गया था। यह जलभराव शुक्रवार को भी बरकरार रहा। राजकीय निर्माण निगम ने 197 करोड़ की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार किया था।
जलभराव की खबर प्रकाशित होने के बाद राजकीय निर्माण निगम ने इसकी जांच कराई तो इसके पीछे नाला सफाई को मुख्य वजह माना गया। निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक अक्तूबर से ही नालों और नालियों की सफाई नहीं की गई।
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ताजमहल के पास की सभी नालियों की सफाई के लिए निगम को कई बार पत्र लिख चुका है, लेकिन एक बार भी सफाई नहीं की गई। बारिश में नालियां चोक होने से पानी निकल नहीं पाया। फुटपाथ का ढलान और सड़क ठीक है। नाला साफ हो जाएगा तो मानसून में भी पानी नहीं भर पाएगा।
30 मई को नगर निगम-एडीए को सौंपा
ताजगंज प्रोजेक्ट का लोकार्पण बीते साल अक्तूबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। लोकार्पण के बाद से ही प्रोजेक्ट को आगरा विकास प्राधिकरण और नगर निगम को सौंपा जाना था, लेकिन यह टलता गया। कमिश्नर के राम मोहन राव ने इसे 30 मई को एडीए-नगर निगम को सौंपा है। इसके बाद भी मानसून को देखते हुए नगर निगम ने ताजगंज में नालियों की सफाई नहीं की, जबकि ताजगंज प्रोजेक्ट में नालियों को इस तरह से कवर किया गया है कि इसमें से पानी निकल सके, लेकिन पालीथिन या अन्य कूड़ा न जा सके।
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गुरुवार को चंद मिनटों की बारिश के बाद ही ताजगंज पश्चिमी गेट पर आईटीडीसी रेस्टोरेंट के बाहर पानी भर गया था। यह जलभराव शुक्रवार को भी बरकरार रहा। राजकीय निर्माण निगम ने 197 करोड़ की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार किया था।
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जलभराव की खबर प्रकाशित होने के बाद राजकीय निर्माण निगम ने इसकी जांच कराई तो इसके पीछे नाला सफाई को मुख्य वजह माना गया। निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक अक्तूबर से ही नालों और नालियों की सफाई नहीं की गई।
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ताजमहल के पास की सभी नालियों की सफाई के लिए निगम को कई बार पत्र लिख चुका है, लेकिन एक बार भी सफाई नहीं की गई। बारिश में नालियां चोक होने से पानी निकल नहीं पाया। फुटपाथ का ढलान और सड़क ठीक है। नाला साफ हो जाएगा तो मानसून में भी पानी नहीं भर पाएगा।
30 मई को नगर निगम-एडीए को सौंपा
ताजगंज प्रोजेक्ट का लोकार्पण बीते साल अक्तूबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। लोकार्पण के बाद से ही प्रोजेक्ट को आगरा विकास प्राधिकरण और नगर निगम को सौंपा जाना था, लेकिन यह टलता गया। कमिश्नर के राम मोहन राव ने इसे 30 मई को एडीए-नगर निगम को सौंपा है। इसके बाद भी मानसून को देखते हुए नगर निगम ने ताजगंज में नालियों की सफाई नहीं की, जबकि ताजगंज प्रोजेक्ट में नालियों को इस तरह से कवर किया गया है कि इसमें से पानी निकल सके, लेकिन पालीथिन या अन्य कूड़ा न जा सके।