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ओडीएफ का सच: फोटो अपलोडिंग में खेल, शौचालय निर्माण फेल
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:25 PM IST
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हाल-ए-ओडीएफ: न सीट और न ही छत
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में स्वच्छ भारत मिशन में फर्जी रिपोर्टिंग का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शौचालयों की फोटो अपलोडिंग में भी यह खेल बदस्तूर जारी है। एक फोटो को कई शौचालयों में अपलोड कर जिले को ओडीएफ करने की कवायद की जा रही है। वहीं फोटो अपलोडिंग में प्रदेश रेकिंग में जिला 68वें पायदान पर सिमट गया है। ऐसे में अधिकारियों की सारी कवायदें फेल हो रही हैं।
जिले को 30 सितंबर 2018 तक ओडीएफ करने की कवायद में फोटो अपलोडिंग परेशानी का सबब बनी है। दरअसल, शौचालय निर्माण के बाद उसकी फोटो को अपलोड करने और जियो टेगिंग होने पर ही शौचालय का निर्माण पूरा माना जाता है। जिले में ओडीएफ को जल्द करने के लिए जिला प्रशासन ने फोटो अपलोडिंग में खेल शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि एक ही फोटो को अलग-अलग तरीके से वेबसाइट पर फीड किया जा रहा है। जिससे एक साथ कई शौचालय एप्रूब्ड हो रहे हैं। इसके अलावा फोटो में शौचालय के आइडी नंबर को बदला जाता है। वहीं फोटो अपलोडिंग में चल रहे खेल के बाद भी जिले की स्थिति सुधर नहीं पा रही है। प्रदेश भर में जिला 68वें स्थान पर है। जिले में फोटो अपलोडिंग का अब तक 55.34 फीसद काम पूरा हो सका है। जिसमें कुल 80908 शौचालयों के फोटो अपलोड किए गए हैं।
फोटो अपलोडिंग के लिए ऑपरेटरों को निर्देश दे दिए गए है। गांव में स्वच्छाग्रहियों की टीम पहुंचकर फोटो खींच रही है। एक फोटो को कई बार अपलोड करने की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
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उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
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जिले को 30 सितंबर 2018 तक ओडीएफ करने की कवायद में फोटो अपलोडिंग परेशानी का सबब बनी है। दरअसल, शौचालय निर्माण के बाद उसकी फोटो को अपलोड करने और जियो टेगिंग होने पर ही शौचालय का निर्माण पूरा माना जाता है। जिले में ओडीएफ को जल्द करने के लिए जिला प्रशासन ने फोटो अपलोडिंग में खेल शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि एक ही फोटो को अलग-अलग तरीके से वेबसाइट पर फीड किया जा रहा है। जिससे एक साथ कई शौचालय एप्रूब्ड हो रहे हैं। इसके अलावा फोटो में शौचालय के आइडी नंबर को बदला जाता है। वहीं फोटो अपलोडिंग में चल रहे खेल के बाद भी जिले की स्थिति सुधर नहीं पा रही है। प्रदेश भर में जिला 68वें स्थान पर है। जिले में फोटो अपलोडिंग का अब तक 55.34 फीसद काम पूरा हो सका है। जिसमें कुल 80908 शौचालयों के फोटो अपलोड किए गए हैं।
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फोटो अपलोडिंग के लिए ऑपरेटरों को निर्देश दे दिए गए है। गांव में स्वच्छाग्रहियों की टीम पहुंचकर फोटो खींच रही है। एक फोटो को कई बार अपलोड करने की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
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उग्रसेन पांडेय, सीडीओ