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अब सोरों के इलाकों में भी पहुंचा बाढ़ का प्रभाव

Wed, 05 Sep 2018 11:34 PM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:34 PM IST
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अब सोरों के इलाकों में भी पहुंचा बाढ़ का प्रभाव
गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूबीं बाबा घाट की सीढ़ियां
कासगंज/सोरों/पटियाली।
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बाढ़ का प्रकोप अब तक पटियाली क्षेत्र तक ही सीमित था लेकिन अब सोरों के लहरा इलाके के कई गांव बाढ़ भी बाढ़ की जद में आ गए हैं। कई स्कूल, कालेजों में भी बाढ़ का पानी घुसा है जिससे शिक्षण कार्य ठप हो गया है। कई पुल और पुलियों में कटान होने से मुश्किलें लगातार बढ़ रहीं हैं। हालात ये हैं कि अभी राहत की संभावना कम ही दिखाई दे रही है।
गंगा के तटीय इलाकों में दूर-दूर तक पानी की सफेद चादर दिखाई दे रही है। खेत खलियान, जंगल सब कुछ गंगा का हिस्सा नजर आ रहा है। बाढ़ में डूबी झोपड़ियां, कच्चे मकान निरंतर गिर रहे हैं। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को नरौरा से पानी का डिस्चार्ज और बढ़ा नजर आया। नरौरा से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज था। वहीं गंगा का जलस्तर 163.75 के निशान पर था। हरिद्वार और बिजनौर से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई, लेकिन इस कमी से नरौरा का डिस्चार्ज बहुत कम होने की उम्मीद नहीं है। मीडियम फ्लड के हालात बरकरार बने हुए हैं। गंगा का पानी लगातार तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। अब बाढ़ का असर सोरों के ग्रामीण इलाकों में भी दिखने लगा है। यहां के लहरा गंगाघाट का दायरा लांघकर पानी लहरा बाजार और बस्ती की ओर प्रभाव बना रहा है। वहीं खड़ेरी, बघेला, दतलाना गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। दतलाना के प्राइमरी विद्यालय एवं इंटर कालेज में बाढ़ का पानी घुस जाने से शिक्षण कार्य ठप हो गया है। उढ़ेर बांध के आस पास पानी का पूरा जमाव बना हुआ है। यदि बांध टूटा या दरार आई तो उढ़ेर गांव खतरे के मुहाने पर होगा। पटियाली के अजीतनगर धरमपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है। कटी हुई सड़क पानी में डूबी हुई है। सिकंदरपुर ढाव की पुलिया भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। पटियाली अजीजपुर मार्ग का पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। पुल से लगभग दो फुट ऊपर तक बूढ़ी गंगा का पानी चल रहा है। वहीं पटियाली उसमानपुर मार्ग के पुल के ऊपर भी पानी बहने लगा है। बमनपुरा, टिकुरी नगला, नगला हंसी, नगला जाटवान, अजीतनगर, नागर कंचनपुर सहित आसपास के अन्य इलाकों में बाढ़ से लगातार स्थिति बिगड़ रही है। लोगों को खाद्य सामग्री की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमारों के इलाज की दिक्कतें हो रहीं हैं। आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित है। रफातपुर गांव में काफी पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मकानों में दरारें पड़ गईं हैं। कभी भी हादसे हो सकते हैं।
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डिस्चार्ज-
नरौरा- 202234 क्यूसेक
बिजनौर- 124360 क्यूसेक
हरिद्वार- 95063 क्यूसेक
कछला गेज- 163.75 मीटर के निशान पर।
- गंगा के जलस्तर में नरौरा से डिस्चार्ज बढने के कारण पानी बढ़ रहा है। हालांकि हरिद्वार और बिजनौर से डिस्चार्ज कम हुआ, लेकिन इससे अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। यदि आगामी समय में हरिद्वार का डिस्चार्ज कम हुआ तो लाभ मिलेगा। एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी।
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