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चंद्र ग्रहण : आज दोपहर दो बजे के बाद मंदिरों के कपाट हो जाएंगे बंद
Updated Thu, 26 Jul 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। 27 जुलाई की मध्य रात्रि को शुरू होने वाला खग्रास (पूर्ण) चंद्र ग्रहण इस सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। लगभग तीन घंटे 55 मिनट की अवधि के दौरान पड़ने वाला चंद्र ग्रहण देखा जा सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा (गुरू पूर्णिमा) के दिन यानि 27 जुलाई की मध्य रात्रि करीब 11:54 मिनट पर प्रारंभ होने वाले चंद्र ग्रहण 28 जुलाई तड़के करीब 3:49 की अवधि तक रहेगा। महंत मुन्ना लाल शास्त्री के अनुसार चंद्रग्रहण से करीब नौ घंटे पूर्व यानि 27 जुलाई को 2 बजकर 54 मिनट से सूतक प्रारंभ हो जाएंगे। इस दौरान देवालयों व धार्मिक स्थलों के कपाट सूतक लगने से चंद मिनट पहले बंद हो जाएंगे।
वैज्ञानिक अवधारणा के अनुसार ग्रहण काल में प्रकृति में कई प्रकार की हानिकारक किरणों का प्रभाव होता है। इसलिए खुले में भोजन, स्नान व भ्रमण आदि से बचना चाहिए।
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पंडित हरिओम शरण शास्त्री के अनुसार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण मकर राशि में घटित होगा। इसलिए मकर राशि के जातक विशेष सावधान रहें। यह ग्रहण मिथुन, मेष, वृष, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ राशि वालों के लिए कष्टकारी हो सकता है। लेकिन तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अत्यंत शुभ फलदायी होगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक 2:54 मिनट से शुरू हो जाएंगे। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं। इसलिए घर में ही भगवान का स्मरण करना चाहिए।
ग्रहण के उपरांत गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान आदि तथा दान पुण्य करना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन व अन्य खाद्य सामग्री के सेवन से बचना चाहिए।
ग्रहण का स्पर्श रात्रि- 11 बजकर 54 मिनट
सम्मिलन- रात्रि 1 बजे
मध्य रात्रि- 1 बजकर 52 मिनट
उन्मीलन- रात्रि 2 बजकर 44 मिनट
मोक्ष- रात्रि 3 बज कर 49 मिनट
ग्रहण का कुल पर्व काल- 3 घंटे 55 मिनट
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा (गुरू पूर्णिमा) के दिन यानि 27 जुलाई की मध्य रात्रि करीब 11:54 मिनट पर प्रारंभ होने वाले चंद्र ग्रहण 28 जुलाई तड़के करीब 3:49 की अवधि तक रहेगा। महंत मुन्ना लाल शास्त्री के अनुसार चंद्रग्रहण से करीब नौ घंटे पूर्व यानि 27 जुलाई को 2 बजकर 54 मिनट से सूतक प्रारंभ हो जाएंगे। इस दौरान देवालयों व धार्मिक स्थलों के कपाट सूतक लगने से चंद मिनट पहले बंद हो जाएंगे।
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वैज्ञानिक अवधारणा के अनुसार ग्रहण काल में प्रकृति में कई प्रकार की हानिकारक किरणों का प्रभाव होता है। इसलिए खुले में भोजन, स्नान व भ्रमण आदि से बचना चाहिए।
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पंडित हरिओम शरण शास्त्री के अनुसार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण मकर राशि में घटित होगा। इसलिए मकर राशि के जातक विशेष सावधान रहें। यह ग्रहण मिथुन, मेष, वृष, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ राशि वालों के लिए कष्टकारी हो सकता है। लेकिन तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अत्यंत शुभ फलदायी होगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक 2:54 मिनट से शुरू हो जाएंगे। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं। इसलिए घर में ही भगवान का स्मरण करना चाहिए।
ग्रहण के उपरांत गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान आदि तथा दान पुण्य करना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन व अन्य खाद्य सामग्री के सेवन से बचना चाहिए।
ग्रहण का स्पर्श रात्रि- 11 बजकर 54 मिनट
सम्मिलन- रात्रि 1 बजे
मध्य रात्रि- 1 बजकर 52 मिनट
उन्मीलन- रात्रि 2 बजकर 44 मिनट
मोक्ष- रात्रि 3 बज कर 49 मिनट
ग्रहण का कुल पर्व काल- 3 घंटे 55 मिनट