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कासगंज हिंसा: विवेचना में दो और पत्र किए शामिल
Updated Thu, 24 May 2018 11:19 PM IST
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तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
एसआईटी की टीम हिंसा के मामलों से जुड़े मामलों में भले ही चार्जशीट दायर कर चुकी है, लेकिन इन मामलों में न्यायालय में लंबित प्रार्थना पत्रों की विवेचना के निर्देशों के बाद प्रार्थना पत्रों में दर्शाए नाम और अज्ञात आरोपियों के संबंध में पुलिस जांच करेगी। गुरुवार को दो प्रार्थना पत्रों को सीजेएम न्यायालय ने अपराध संख्या 62 में दर्ज मामले के साथ दोनों प्रार्थना पत्रों की विवेचना के निर्देश दिए हैं।
इन दो प्रार्थना पत्रों में एक प्रार्थना पत्र मुजाहिद खां ने 3 लोगों को नामजद करने व 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। इसके अतिरिक्त बैनामी ने दूसरा प्रार्थना पत्र न्यायालय में 15 लोगों को नामजद करने एवं 60-70 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी कराए जाने की मांग की। इन दोनों ही प्रार्थना पत्रों पर न्यायालय ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी। न्यायालय को पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट में कहा कि मामला पहले से ही दर्ज है। नया मामला दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं। न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट का अध्ययन किया। सीजेएम भारत सिंह यादव ने मुजाहिद एवं बैनामी के प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करते हुए कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए कि दोनों ही प्रार्थना पत्रों को अपराध संख्या 62 की विवेचना के लिए शामिल कर विवेचना करें। पुलिस हिंसा से जुड़े मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। अब इन प्रार्थना पत्रों की विवेचना भी होगी।
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एसआईटी की टीम हिंसा के मामलों से जुड़े मामलों में भले ही चार्जशीट दायर कर चुकी है, लेकिन इन मामलों में न्यायालय में लंबित प्रार्थना पत्रों की विवेचना के निर्देशों के बाद प्रार्थना पत्रों में दर्शाए नाम और अज्ञात आरोपियों के संबंध में पुलिस जांच करेगी। गुरुवार को दो प्रार्थना पत्रों को सीजेएम न्यायालय ने अपराध संख्या 62 में दर्ज मामले के साथ दोनों प्रार्थना पत्रों की विवेचना के निर्देश दिए हैं।
इन दो प्रार्थना पत्रों में एक प्रार्थना पत्र मुजाहिद खां ने 3 लोगों को नामजद करने व 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। इसके अतिरिक्त बैनामी ने दूसरा प्रार्थना पत्र न्यायालय में 15 लोगों को नामजद करने एवं 60-70 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी कराए जाने की मांग की। इन दोनों ही प्रार्थना पत्रों पर न्यायालय ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी। न्यायालय को पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट में कहा कि मामला पहले से ही दर्ज है। नया मामला दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं। न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट का अध्ययन किया। सीजेएम भारत सिंह यादव ने मुजाहिद एवं बैनामी के प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करते हुए कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए कि दोनों ही प्रार्थना पत्रों को अपराध संख्या 62 की विवेचना के लिए शामिल कर विवेचना करें। पुलिस हिंसा से जुड़े मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। अब इन प्रार्थना पत्रों की विवेचना भी होगी।
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