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रेलवे ओवर ब्रिज का एंगल टूटकर गिरा, बाल-बाल बचे यात्री

Wed, 16 May 2018 08:19 PM IST
Updated Wed, 16 May 2018 08:19 PM IST
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रेलवे ओवर ब्रिज का एंगल टूटकर गिरा, बाल-बाल बचे यात्री
यहीं से टूूटा एंगल - फोटो : अमर उजाला
मथुरा। रेलवे जंक्शन के ओवर ब्रिज का गल चुका एंगल अचानक धराशाई हो गया। एंगल गिरने से प्लेटफार्म से गुजर रहे यात्री बाल-बाल बचे। एंगल गिर जाने से रेल कर्मियों में खलबली मई गई। डीआरएम ने मामले में जांच बैठा दी है।
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मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म तीन पर पटरी व स्लीपर बदलने को लेकर काम चल रहा है। इसके चलते इस प्लेटफार्म से गुजरने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म चार व पांच से गुजारा जा रहा है। बुधवार दोपहर एक बजे अचानक रेलवे ओवरब्रिज की एंगल धराशाई हो गई और प्लेटफार्म चार की लाइन पर आ गिरी।
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इस दौरान रेल लाइन पार कर गुजर रहे यात्री बाल-बाल बचे। सूचना पर स्टेशन मास्टर केएल मीणा, रेलवे ब्रिज इंजीनियर, सुपरवाइजर तथा अन्य जिम्मेदार अफसर मौके पर पहुंच गए। डीआरएम ने इस मामले में जांच बैठा दी है। वहीं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अखलाक अहमद ने रेलवे ओवर ब्रिज की एंगल गिरने को गंभीरता से लिया। डीआरएम ने मंडल संरक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
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‘रेलवे ओवर ब्रिज की गली हुई एंगल टूटकर गिरना गंभीर घटना है। इसकी जांच कराई जा रही है। सुपरवाइजर से जवाब मांगा गया है।’
- संचित त्यागी, पीआरओ डीआरएम

रेलवे के ओवरब्रिज बने हैं बड़ा खतरा
मथुरा। रेलवे ओवर ब्रिज कभी भी धराशाई हो सकता है। रेलवे ओवर ब्रिज के दर्जनों एंगल गल चुके हैं। उन्हीं एंगल में से एक एंगल बुधवार को गिर गया। रेलवे ब्रिज इंस्पेक्टर व इंजीनियर पुल की मजबूती को लेकर गंभीर नहीं है। सालों से एंगल पर पेंट व प्राइमर तक नहीं कराया गया है।


रेलवे जंक्शन पर प्लेटफार्म एक से चार तक जोड़ने वाला रेलवे ओवर ब्रिज 30 साल से अधिक पुराना है। इस पुल पर बिछाए गए स्लैब के नीचे के एंगल गल चुके हैं। सालों से रेलवे इंजीनियरों ने स्लैब का न तो बदलवाया और न ही उन पर प्राइमर व पेंट कराया गया। जंग लगने से एंगल गल गए हैं। एक एंगल उनमें से बुधवार को धराशाई हो गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार ब्रिज इंस्पेक्टर नियमित पुल की मजबूती जांच करने नहीं आते। अपने अधीनस्थों से ही रिपोर्ट आदि बनवा लेते हैं। बताया जाता है कि 2011 में भी यह गिर चुका है।
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