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गोदाम में मिली 3700 गेहूं की बोरियां
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:04 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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राजा का रामपुर। थाना क्षेत्र के गांव जाहरपुर स्थित एक खाद्यान्न व्यापारी के गोदाम में गेहूं की 3700 बोरियां देख ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दंग रह गए। उन्होंने व्यापारी से जब अभिलेख मांगे, तो व्यापारी के पसीने छूट गए। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्र्रेट ने तीन दिन का समय देते हुए व्यापारी से जवाब मांगा है। वहीं चर्चा है आखिर इतनी बड़ी संख्या में खाद्यान्न का भंडारण कैसे हुआ?
शनिवार रात को तहसीलदार रनवीर सिंह ने जाहरपुर के पास खाद्यान्न की 300 बोरियों से भरा ट्रक पकड़ा था। मामले की जांच के लिए मंडी सचिव और पूर्ति निरीक्षक को बुलाया गया। बताया गया कि खाद्यान्न गांव जाहरपुर के व्यापारी मंतोष के यहां से सराय अगहत के व्यापारी राजवीर के यहां जा रहा था। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर मामले की जांच के लिए गांव जाहरपुर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने व्यापारी मंतोष श्रीवास्तव के गोदाम का निरीक्षण किया। जहां खाद्यान्न की 3700 बोरियां पाई गईं। जब अभिलेख मांगे गए, तो व्यापारी खाद्यान्न खरीदने के अभिलेख नहीं दिखा पाया। साथ ही जांच में पता चला कि व्यापारी के पास मंडी का कोई लाइसेंस नहीं मिला। ऐसे में संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने व्यापारी को नोटिस देते हुए तीन दिन में जबाव देने के लिए कहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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शनिवार रात को तहसीलदार रनवीर सिंह ने जाहरपुर के पास खाद्यान्न की 300 बोरियों से भरा ट्रक पकड़ा था। मामले की जांच के लिए मंडी सचिव और पूर्ति निरीक्षक को बुलाया गया। बताया गया कि खाद्यान्न गांव जाहरपुर के व्यापारी मंतोष के यहां से सराय अगहत के व्यापारी राजवीर के यहां जा रहा था। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर मामले की जांच के लिए गांव जाहरपुर पहुंचे।
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इस दौरान उन्होंने व्यापारी मंतोष श्रीवास्तव के गोदाम का निरीक्षण किया। जहां खाद्यान्न की 3700 बोरियां पाई गईं। जब अभिलेख मांगे गए, तो व्यापारी खाद्यान्न खरीदने के अभिलेख नहीं दिखा पाया। साथ ही जांच में पता चला कि व्यापारी के पास मंडी का कोई लाइसेंस नहीं मिला। ऐसे में संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने व्यापारी को नोटिस देते हुए तीन दिन में जबाव देने के लिए कहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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