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ताजमहल: महंगे टिकट पर 45 दिनों में दर्ज कराएं आपति
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:02 AM IST
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आगरा। ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत संरक्षित स्मारकों पर संस्कृति मंत्रालय ने टिकट दर में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। आगरा सर्किल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने गुुरुवार को प्रारंभिक अधिसूचना जारी करते हुए 45 दिनों के अंदर आपत्तियां मांगी हैं। सभी स्मारकों के टिकट काउंटर और प्रवेश द्वारों पर इसे लगाया जाएगा और आम पर्यटक भी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। एएसआई महानिदेशक, 24 तिलक मार्ग, नई दिल्ली-110001 पर आपत्तियां भेजी जा सकती हैं।
एएसआई ने भारतीय, विदेशी, सार्क और बिमस्टेक देशों के सैलानियों के प्रवेश टिकट को महंगा करने का प्रस्ताव दिया है। इसकी प्रारंभिक अधिसूचना संस्कृति मंत्रालय ने 21 दिसंबर को ही जारी कर दी। एएसआई महानिदेशक दो जनवरी को जब आगरा आईं तो भी उन्होंने किसी अधिकारी को स्मारकों की टिकट बढ़ोतरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जबकि अधिसूचना जारी किए हुए दस दिन बीत चुके थे।
उनके दौरे और दिल्ली में हुई बैठक में भीड़ प्रबंधन को लेकर टिकट दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव भी दिए गए थे, लेकिन तब किसी को टिकट बढ़ोतरी की भनक तक नहीं लगने दी गई। इस बढ़ोतरी में दो कैटेगरी के साथ नकद और कैशलेस का प्रस्ताव किया गया है। कैशलेस में पांच रुपये की छूट भारतीय, सार्क देशों, बिमस्टेक के पर्यटकों के लिए और 50 रुपये की छूट विदेशी, स्पेशल टिकट पर दी जाएगी। सार्क देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा बिमस्टेक देशों में बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड के पर्यटक शामिल हैं।
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आगरा में सबसे ज्यादा महंगा होगा टिकट
आगरा में सभी स्मारकों से आगरा विकास प्राधिकरण पथकर वसूलता है। ताजमहल पर यह सबसे ज्यादा 500 रुपये प्रति पर्यटक है, जबकि कंपोजिट टिकट के अलावा अलग-अलग भी एडीए पथकर लेता है। एएसआई के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी के बाद ताजमहल का प्रवेश टिकट देश में सबसे महंगा हो जाएगा। वहीं किला, सीकरी, एत्माद्दौला, सिकंदरा, महताब बाग के लिए भी अन्य शहरों के संरक्षित स्मारकों के मुकाबले ज्यादा शुल्क चुकाना होगा।
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एएसआई ने भारतीय, विदेशी, सार्क और बिमस्टेक देशों के सैलानियों के प्रवेश टिकट को महंगा करने का प्रस्ताव दिया है। इसकी प्रारंभिक अधिसूचना संस्कृति मंत्रालय ने 21 दिसंबर को ही जारी कर दी। एएसआई महानिदेशक दो जनवरी को जब आगरा आईं तो भी उन्होंने किसी अधिकारी को स्मारकों की टिकट बढ़ोतरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जबकि अधिसूचना जारी किए हुए दस दिन बीत चुके थे।
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उनके दौरे और दिल्ली में हुई बैठक में भीड़ प्रबंधन को लेकर टिकट दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव भी दिए गए थे, लेकिन तब किसी को टिकट बढ़ोतरी की भनक तक नहीं लगने दी गई। इस बढ़ोतरी में दो कैटेगरी के साथ नकद और कैशलेस का प्रस्ताव किया गया है। कैशलेस में पांच रुपये की छूट भारतीय, सार्क देशों, बिमस्टेक के पर्यटकों के लिए और 50 रुपये की छूट विदेशी, स्पेशल टिकट पर दी जाएगी। सार्क देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा बिमस्टेक देशों में बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड के पर्यटक शामिल हैं।
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आगरा में सबसे ज्यादा महंगा होगा टिकट
आगरा में सभी स्मारकों से आगरा विकास प्राधिकरण पथकर वसूलता है। ताजमहल पर यह सबसे ज्यादा 500 रुपये प्रति पर्यटक है, जबकि कंपोजिट टिकट के अलावा अलग-अलग भी एडीए पथकर लेता है। एएसआई के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी के बाद ताजमहल का प्रवेश टिकट देश में सबसे महंगा हो जाएगा। वहीं किला, सीकरी, एत्माद्दौला, सिकंदरा, महताब बाग के लिए भी अन्य शहरों के संरक्षित स्मारकों के मुकाबले ज्यादा शुल्क चुकाना होगा।