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एसडीएम सिरसागंज ने मांस भरा कंटेनर पकड़ा्र
Updated Sun, 03 Dec 2017 12:23 AM IST
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पुलिस पूछताछ करती।
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फिरोजाबाद। कोलकाता से मुंबई तक मांस की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। सिरसागंज एसडीएम चंद्रभानु सिंंह के द्वारा एयरकंडीशनर कंटेनर को पकड़ लिया। भैंस का मांस होने का प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाने के कारण उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।
पशुओं के अवैध रूप से काटने के पश्चात उनसे मांस को मुंबई सप्लाई करने की सूचनाएं जिला प्रशासन को मिल रहीं ती। एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु ने 28 नवंबर की शाम को कठफोरी टोल टैक्स के पास कंटेनर संख्या एनएल 01 एल 7829को कठफोरी चौकी पुलिस के सहयोग से रुकवाया। कंटेनर के चालक एवं परिचालक से एसडीएम ने पूछताछ की तो बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की बेस्ट बंगाल लाइव स्टॉक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि. (डब्ल्यूबीएल डीसीएल)से भैंस का मीट लाए हैं। इसे मुंबई लेकर पहुंचना है।
चालक ने बिल, बाउचर के साथ भैंस का मांस होने का प्रमाण पत्र दिखाया। लेकिन कोलकाता से मुंबई जाने वाला कंटेनर फीरोजाबाद होकर क्यों जाने का सवाल पर चालक अटरा को कुछ शंका हुई। अधिकारियों के संपर्क साधने पर डब्ल्यूबीएलडीसीएल ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। प्रमाण पत्र पर जिस पदनाम से हस्ताक्षर थे वह कोई पद उनके यहां नहीं है। अभिलेखों को फर्जी बताया है। एसडीएम चंद्रभानु ने कहा कि कंटेनर में करीब14 टन मीट है। इसकी कीमत करीब दो करोड़ होगी।
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पूरा मामला संदिग्ध है। इसमें किसी बड़े रैकेट का हाथ हो सकता है। मांस किसका है, इसकी जांच कराई जा रही है। मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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पशुओं के अवैध रूप से काटने के पश्चात उनसे मांस को मुंबई सप्लाई करने की सूचनाएं जिला प्रशासन को मिल रहीं ती। एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु ने 28 नवंबर की शाम को कठफोरी टोल टैक्स के पास कंटेनर संख्या एनएल 01 एल 7829को कठफोरी चौकी पुलिस के सहयोग से रुकवाया। कंटेनर के चालक एवं परिचालक से एसडीएम ने पूछताछ की तो बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की बेस्ट बंगाल लाइव स्टॉक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि. (डब्ल्यूबीएल डीसीएल)से भैंस का मीट लाए हैं। इसे मुंबई लेकर पहुंचना है।
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चालक ने बिल, बाउचर के साथ भैंस का मांस होने का प्रमाण पत्र दिखाया। लेकिन कोलकाता से मुंबई जाने वाला कंटेनर फीरोजाबाद होकर क्यों जाने का सवाल पर चालक अटरा को कुछ शंका हुई। अधिकारियों के संपर्क साधने पर डब्ल्यूबीएलडीसीएल ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। प्रमाण पत्र पर जिस पदनाम से हस्ताक्षर थे वह कोई पद उनके यहां नहीं है। अभिलेखों को फर्जी बताया है। एसडीएम चंद्रभानु ने कहा कि कंटेनर में करीब14 टन मीट है। इसकी कीमत करीब दो करोड़ होगी।
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पूरा मामला संदिग्ध है। इसमें किसी बड़े रैकेट का हाथ हो सकता है। मांस किसका है, इसकी जांच कराई जा रही है। मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।