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दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली हुई ताजनगरी की हवा
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:42 PM IST
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आगरा। आगरा की हवा में घुला जहर कम नहीं हो रहा है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आगरा शनिवार को तीसरे स्थान रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स आगरा का सूचकांक 450 पर पहुंच गया, जो कि बेहद खतरनाक की श्रेणी में आता है।
सूचकांक में आगरा से पहले गाजियाबाद और रोहतक ही हैं। कई दिनों के बाद भी हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है। धुंध छाए रहने के कारण तेज धूप भी नहीं है। ऐसे में सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को 394 पर था। बुधवार को इजाफा होने पर 407 अंक के साथ गंभीर श्रेणी में आ गया। शनिवार की शाम को इंडेक्स में सूचकांक 450 के साथ आगरा तीसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा वाला शहर रहा।
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हवा में सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड की मात्रा भी प्रति क्यूबिक मीटर बढ़ गई है। कार्बन मोनो आक्साइड की मात्रा भी बढ़ गई है। हवा में लगातार हानिकारक तत्वों के बढ़ने से प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है।
धुंध के छाए रहने से दिन में भी इससे निजात नहीं मिल पा रही है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से दमा, श्वांस रोगियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। सुबह की सैर करना भी ऐसी हवा में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स में शहर
गाजियाबाद 486
रोहतक 461
आगरा 450
लुधियाना 344
गुुरुग्राम 436
भिवाड़ी और पटना 435
नोएडा और बनारस 429
लखनऊ 424
रेलवे ट्रैकों के किनारे जलाई जा रही चमड़े की कतरन
ताज ट्रिपेजियम जोन में आने वाली ताजनगरी में रेलवे ट्रैकों के किनारे रोजाना चमड़े की कतरन जलाई जा रही है। मंटोला में चक्कीपाट नाले के किनारे चमड़े की कतरन में आग लगा दी जाती है। इसी तरह मंटोला नाला और सिकंदरा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में भी कई इलाकों में ट्रैक किनारे कतरन जलाने से काला और गाढ़ा धुआं हवा को ज्यादा प्रदूषित कर रहा है। इस ओर यूपीसीबी का कोई ध्यान नहीं है।
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सूचकांक में आगरा से पहले गाजियाबाद और रोहतक ही हैं। कई दिनों के बाद भी हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है। धुंध छाए रहने के कारण तेज धूप भी नहीं है। ऐसे में सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को 394 पर था। बुधवार को इजाफा होने पर 407 अंक के साथ गंभीर श्रेणी में आ गया। शनिवार की शाम को इंडेक्स में सूचकांक 450 के साथ आगरा तीसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा वाला शहर रहा।
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हवा में सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड की मात्रा भी प्रति क्यूबिक मीटर बढ़ गई है। कार्बन मोनो आक्साइड की मात्रा भी बढ़ गई है। हवा में लगातार हानिकारक तत्वों के बढ़ने से प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है।
धुंध के छाए रहने से दिन में भी इससे निजात नहीं मिल पा रही है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से दमा, श्वांस रोगियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। सुबह की सैर करना भी ऐसी हवा में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स में शहर
गाजियाबाद 486
रोहतक 461
आगरा 450
लुधियाना 344
गुुरुग्राम 436
भिवाड़ी और पटना 435
नोएडा और बनारस 429
लखनऊ 424
रेलवे ट्रैकों के किनारे जलाई जा रही चमड़े की कतरन
ताज ट्रिपेजियम जोन में आने वाली ताजनगरी में रेलवे ट्रैकों के किनारे रोजाना चमड़े की कतरन जलाई जा रही है। मंटोला में चक्कीपाट नाले के किनारे चमड़े की कतरन में आग लगा दी जाती है। इसी तरह मंटोला नाला और सिकंदरा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में भी कई इलाकों में ट्रैक किनारे कतरन जलाने से काला और गाढ़ा धुआं हवा को ज्यादा प्रदूषित कर रहा है। इस ओर यूपीसीबी का कोई ध्यान नहीं है।