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माइनर में पानी घटते ही खुली धांधली की कलई
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:58 PM IST
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किशनी (मैनपुरी)। किशनी-शमशेरगंज माइनर में पानी घटते ही धांधली की पोल खुलने लगी है। माइनर को पक्का करने में लगाई गई घटिया सामग्री पानी के साथ बह गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी जांच की मांग की है।
माइनर को पक्का करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन एक ही बहाव में सीमेंट-रेत आदि बह गई।
देखें तो किशनी तक माइनर की ऊंचाई अधिक और आसपास जमीन निचली होने के कारण आये दिन खंदी हो जाती है। इशसे जहां आखिरी छोर तक पान नहीं पहुंच पाता है।
वहीं कई स्थानों पर पानी की बर्बादी और खेतों में सीलन रहने से कृषि उपज भी प्रभावित होती है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए माइनर को पक्का कराने का काम विभाग ने किया।
यह देख क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली। पर, इसमें भी जमकर गोलमाल किया गया। पानी आने के बाद जो निर्माण कार्य कराया गया था वह बह गया। अब किसानों ने शासन-प्रशासन से इसकी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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माइनर को पक्का करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन एक ही बहाव में सीमेंट-रेत आदि बह गई।
देखें तो किशनी तक माइनर की ऊंचाई अधिक और आसपास जमीन निचली होने के कारण आये दिन खंदी हो जाती है। इशसे जहां आखिरी छोर तक पान नहीं पहुंच पाता है।
वहीं कई स्थानों पर पानी की बर्बादी और खेतों में सीलन रहने से कृषि उपज भी प्रभावित होती है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए माइनर को पक्का कराने का काम विभाग ने किया।
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यह देख क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली। पर, इसमें भी जमकर गोलमाल किया गया। पानी आने के बाद जो निर्माण कार्य कराया गया था वह बह गया। अब किसानों ने शासन-प्रशासन से इसकी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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