{"_id":"59bab9c44f1c1b8b688b4971","slug":"71505409476-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों से निकाल रहे आपसी रंजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों से निकाल रहे आपसी रंजिश
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
कासगंज
जिले में बाल अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। न वे अपनों के हाथों सुरक्षित हैं और न हीं गैरों के। अपहरण, हत्या, दुष्कर्म एवं कुकर्म जैसी वारदातें उनके साथ हो रहीं हैं। वारदातों को रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है।
जिले में बच्चों के साथ अपराध की पृष्ठ भूमि कोई नई बात नहीं है। आपसी रंजिश के चलते कई बार बच्चों की हत्याएं हो चुकी हैं। अपराधी तत्व भी बच्चों को अपना निशाना बनाने से नहीं चूकते। उनको अपहरण कर ले जाना फिरौती मांगना न मिलने पर हत्या कर देना जैसी घटनाएं होती रहीं हैं। अपराधी मानसिकता वाले लोग बालकों के साथ कुकर्म व दुष्कर्म जैसी वारदातों को अंजाम देने से पीछे नहीं हटते। ढोलना क्षेत्र में एक बालक को उसकी सौतेली मां ने ही जहर देकर हत्या कर दी थी। तो एक पिता ने गंजडुंडवारा में पत्नी से कहासुनी होने पर अपने मासूम बेटे को जमीन पर पटक दिया जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ।
इस साल बच्चों के साथ होने वाले अपराध
एक जनवरी: सोरों के नगला बहोरा से दुधमुंहे को खाट से उठाकर ले गए बदमाश।
12 जनवरी: दरियावगंज से 5 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या कर दी। उसका शव फर्रूखाबाद के कायमगंज से बरामद हुआ।
22 मार्च : नवजात को खेत में छोड़कर चले गए परिवारीजन।
23 अप्रैल: एक बालिका के साथ दुष्कर्म किया गया।
25 मई : सहावर के तारापुर में बालक को अगवा करके हत्या कर दी, शव खेत में गाड़ दिया।
8 जून: ढोलना व अमांपुर में एक-एक बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ।
16 जून :सोरों में बालक को अगवा करने के बाद हत्या कर दी।
27 जून: सिढ़पुरा में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई।
14 जुलाई : पटियाली में बालक को अगवा करके कुकर्म किया गया।
31 जुलाई: सिढ़पुरा के भुजपुरा में मासूम भाई बहन की हत्या कर दी गई।
एक अगस्त : गंजडुंडवारा में अज्ञात मासूम का शव नहर से बरामद हुआ।
22 अगस्त: ढोलना में सौतेली मां ने मासूम की जहर देकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
जिले में बाल अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। न वे अपनों के हाथों सुरक्षित हैं और न हीं गैरों के। अपहरण, हत्या, दुष्कर्म एवं कुकर्म जैसी वारदातें उनके साथ हो रहीं हैं। वारदातों को रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है।
जिले में बच्चों के साथ अपराध की पृष्ठ भूमि कोई नई बात नहीं है। आपसी रंजिश के चलते कई बार बच्चों की हत्याएं हो चुकी हैं। अपराधी तत्व भी बच्चों को अपना निशाना बनाने से नहीं चूकते। उनको अपहरण कर ले जाना फिरौती मांगना न मिलने पर हत्या कर देना जैसी घटनाएं होती रहीं हैं। अपराधी मानसिकता वाले लोग बालकों के साथ कुकर्म व दुष्कर्म जैसी वारदातों को अंजाम देने से पीछे नहीं हटते। ढोलना क्षेत्र में एक बालक को उसकी सौतेली मां ने ही जहर देकर हत्या कर दी थी। तो एक पिता ने गंजडुंडवारा में पत्नी से कहासुनी होने पर अपने मासूम बेटे को जमीन पर पटक दिया जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ।
विज्ञापन
इस साल बच्चों के साथ होने वाले अपराध
एक जनवरी: सोरों के नगला बहोरा से दुधमुंहे को खाट से उठाकर ले गए बदमाश।
12 जनवरी: दरियावगंज से 5 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या कर दी। उसका शव फर्रूखाबाद के कायमगंज से बरामद हुआ।
22 मार्च : नवजात को खेत में छोड़कर चले गए परिवारीजन।
23 अप्रैल: एक बालिका के साथ दुष्कर्म किया गया।
25 मई : सहावर के तारापुर में बालक को अगवा करके हत्या कर दी, शव खेत में गाड़ दिया।
8 जून: ढोलना व अमांपुर में एक-एक बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ।
16 जून :सोरों में बालक को अगवा करने के बाद हत्या कर दी।
27 जून: सिढ़पुरा में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई।
14 जुलाई : पटियाली में बालक को अगवा करके कुकर्म किया गया।
31 जुलाई: सिढ़पुरा के भुजपुरा में मासूम भाई बहन की हत्या कर दी गई।
एक अगस्त : गंजडुंडवारा में अज्ञात मासूम का शव नहर से बरामद हुआ।
22 अगस्त: ढोलना में सौतेली मां ने मासूम की जहर देकर हत्या कर दी।