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पीएचसी में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:44 PM IST
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पीएचसी में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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एटा/मिरहची। स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार नहीं मिलने पर जच्चा बच्चा की मौत हो गई। घटना से गुस्साए लोगों ने जिला अस्पताल के सामने शव रख कर हाईवे पर जाम लगाते हुए जमकर बवाल किया। कार्रवाई के आश्वासन पर आधा घंटे बाद जाम खुला। मृतका के परिवारीजनों ने चिकित्सक पर सुविधा शुल्क के अभाव में इलाज नहीं करने के कारण प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत का आरोप लगाया है।
थाना मिरहची क्षेत्र के गांव हजरतपुर सियोराई निवासी ट्रैक्टर चालक नवल किशोर गुरुवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी मीना (32) को प्रसव पीड़ा होने पर मिरहची स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। भर्ती होने के तीन घंटे बाद मीना ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद अचानक रक्तश्राव बढ़ने से मीना हालत बिगड़ने लगी तो पति ने चिकित्सकों को जानकारी दी। आरोप है बार-बार कहने के बाद भी डाक्टरों ने प्रसूता का उपचार नहीं किया और न ही हायर सेंटर रेफर किया।
पति का आरोप है कि वक्त पर उपचार नहीं होने और लगातार रक्तश्राव होने से मीना ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। नवल ने कहा कि नवजात का नाल सही नहीं कटने से कुछ समय बाद मासूम ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद पति अन्य लोगों की मदद से शव लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद जब पुलिस प्रशासन ने सध नहीं ली तो पीएम हाउस पर मौजूद परिवारीजनों और ग्रामीणों ने दोनो शव हाईवे पर रख कर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। कोतवाली नगर प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर आधा घंटे बाद जाम खुलवाया। जच्चा और बच्चा की अचानक मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
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चार सौ रुपये ले ली थी सुविधा शुल्क
पीएम हाउस पहुंचे पति नवल ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। ट्रैक्टर चला कर वो परिवार को पालन पोषण करता है। बच्चे के जन्म के बाद डाक्टरों ने उससे चार सौ रुपये सुविधा शुल्क ले ली थी, जबकि उससे एक हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद भी चिकित्सक ने उपचार नहीं किया और दोनो की मौत हो गई।
लला को मत मारिओ
डाक्टराें की लापरवाही के चलते मौत का निवाला बनी प्रसूता मीना का बड़ा बेटा रजनेश चार साल है। मृत बच्चा उसकी दूसरी संतान थी। प्रसव के बाद चाय और बिस्कुट खाने के बाद मीना को अपनी मौत का आभास होने लगा था। उसी समय उसने पति नवल किशोर से कहा कि मैं तो जा रही हूं और तुम लला रजनेश को मारना मत।
जच्चा-बच्चा की मौत को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राहुल कुमार, पीएचसी प्रभारी मिरहची
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थाना मिरहची क्षेत्र के गांव हजरतपुर सियोराई निवासी ट्रैक्टर चालक नवल किशोर गुरुवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी मीना (32) को प्रसव पीड़ा होने पर मिरहची स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। भर्ती होने के तीन घंटे बाद मीना ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद अचानक रक्तश्राव बढ़ने से मीना हालत बिगड़ने लगी तो पति ने चिकित्सकों को जानकारी दी। आरोप है बार-बार कहने के बाद भी डाक्टरों ने प्रसूता का उपचार नहीं किया और न ही हायर सेंटर रेफर किया।
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पति का आरोप है कि वक्त पर उपचार नहीं होने और लगातार रक्तश्राव होने से मीना ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। नवल ने कहा कि नवजात का नाल सही नहीं कटने से कुछ समय बाद मासूम ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद पति अन्य लोगों की मदद से शव लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद जब पुलिस प्रशासन ने सध नहीं ली तो पीएम हाउस पर मौजूद परिवारीजनों और ग्रामीणों ने दोनो शव हाईवे पर रख कर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। कोतवाली नगर प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर आधा घंटे बाद जाम खुलवाया। जच्चा और बच्चा की अचानक मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
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चार सौ रुपये ले ली थी सुविधा शुल्क
पीएम हाउस पहुंचे पति नवल ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। ट्रैक्टर चला कर वो परिवार को पालन पोषण करता है। बच्चे के जन्म के बाद डाक्टरों ने उससे चार सौ रुपये सुविधा शुल्क ले ली थी, जबकि उससे एक हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद भी चिकित्सक ने उपचार नहीं किया और दोनो की मौत हो गई।
लला को मत मारिओ
डाक्टराें की लापरवाही के चलते मौत का निवाला बनी प्रसूता मीना का बड़ा बेटा रजनेश चार साल है। मृत बच्चा उसकी दूसरी संतान थी। प्रसव के बाद चाय और बिस्कुट खाने के बाद मीना को अपनी मौत का आभास होने लगा था। उसी समय उसने पति नवल किशोर से कहा कि मैं तो जा रही हूं और तुम लला रजनेश को मारना मत।
जच्चा-बच्चा की मौत को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राहुल कुमार, पीएचसी प्रभारी मिरहची