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मानीटरिंग पर लगे वाहन भी निकले थे फर्जी
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:00 AM IST
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वाहन
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में मानीटरिंग के लिए लगाए गए वाहनों में फर्जीवाड़ा किया गया था। इनके नंबर भी स्कूटर, थ्री व्हीलर एवं ट्रकों के पाए गए। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारी बड़ी कारों का भुगतान ट्रैवेल्स एजेंसियों को कराते रहे। मगर ये जांच ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।
जिले में दो योजनाओं में वाहन घोटाला निकाल कर सामने आया था। मगर आरबीएसके घोटाले के बीच दूसरा वाहन घोटाला दब गया। वित्तीय वर्ष 2015-16 के हुए ऑडिट के बाद दो कार्यक्रमों में वाहन घोटाला सुर्खियों में आ गया था। फर्जी वाहनों में अधिकारी नियमित चेकिंग करते रहे और भुगतान कराते रहे जो वाहन टेंडर प्रक्रिया से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे थे, उन वाहनों के नंबर ट्रकों एवं स्कूटर के निकले हैं।
स्वास्थ्य केंद्र जसरानामें मानीटरिंग के लिए चलाए जा रहे वाहन(कार) संख्या (यूपी 80 सीके 1532) का भुगतान किया गया है। जबकि यह नंबर ट्रेसिंग में मोटर साइकिल का पाया गया है। गाड़ी मालिक रेनू यादव के नाम से वाहन संबद्ध किया गया।
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स्वास्थ्य केंद्र अरांव ब्लाक में भी मानीटरिंग के लिए वाहन(कार) संख्या यूपी 84 टी 2446 से भुगतान किया गया। मगर यह वाहन थ्री व्हीलर निकला है। गाड़ी मालिक दिनेश यादव के नाम से वाहन संबद्ध किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र धनपुरा में मानीटरिंग के लिए कार का भुगतान वाहन संख्या यूपी 16 बीपी 3574 के लिए हुआ है। जबकि इस नंबर से कोई वाहन पंजीकृत ही नहीं है। वाहन स्वामी अजय यादव को भुगतान किया गया है।
स्वास्थ्य केंद्र एका में आरबीएसके के अलावा मानीटरिंग वाहन में भी फर्जीवाड़ा निकला। वाहन संख्या यूपी 85 डब्लू 3602 के नाम से भुगतान किया जाता रहा। यह वाहन प्राइवेट एलएमबी निकला है।
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जिले में दो योजनाओं में वाहन घोटाला निकाल कर सामने आया था। मगर आरबीएसके घोटाले के बीच दूसरा वाहन घोटाला दब गया। वित्तीय वर्ष 2015-16 के हुए ऑडिट के बाद दो कार्यक्रमों में वाहन घोटाला सुर्खियों में आ गया था। फर्जी वाहनों में अधिकारी नियमित चेकिंग करते रहे और भुगतान कराते रहे जो वाहन टेंडर प्रक्रिया से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे थे, उन वाहनों के नंबर ट्रकों एवं स्कूटर के निकले हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र जसरानामें मानीटरिंग के लिए चलाए जा रहे वाहन(कार) संख्या (यूपी 80 सीके 1532) का भुगतान किया गया है। जबकि यह नंबर ट्रेसिंग में मोटर साइकिल का पाया गया है। गाड़ी मालिक रेनू यादव के नाम से वाहन संबद्ध किया गया।
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स्वास्थ्य केंद्र अरांव ब्लाक में भी मानीटरिंग के लिए वाहन(कार) संख्या यूपी 84 टी 2446 से भुगतान किया गया। मगर यह वाहन थ्री व्हीलर निकला है। गाड़ी मालिक दिनेश यादव के नाम से वाहन संबद्ध किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र धनपुरा में मानीटरिंग के लिए कार का भुगतान वाहन संख्या यूपी 16 बीपी 3574 के लिए हुआ है। जबकि इस नंबर से कोई वाहन पंजीकृत ही नहीं है। वाहन स्वामी अजय यादव को भुगतान किया गया है।
स्वास्थ्य केंद्र एका में आरबीएसके के अलावा मानीटरिंग वाहन में भी फर्जीवाड़ा निकला। वाहन संख्या यूपी 85 डब्लू 3602 के नाम से भुगतान किया जाता रहा। यह वाहन प्राइवेट एलएमबी निकला है।