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हर बड़ी घटना की लोकेशन लेगा शासन
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:00 AM IST
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पुनीत शर्मा (मथुरा)। प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए अफसरों पर शिकंजा कस दिया है। सहारनपुर हिंसा और मथुरा हादसे से सबक लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। अब हर बड़ी घटना पर डीएम और एसएसपी साथ पहुंचेंगे। शासन इनकी लोकेशन भी लेगा और घटना स्थल पर कब या कितनी देर बाद अफसर पहुंचे यह भी पता किया जाएगा। इसे क्रास चेक किया जाएगा।
सरकार को लगातार इनपुट मिल रहा है कि घटनाओं के बाद अधिकारी मौके पर पहुंच नहीं रहे हैं या घंटों बाद पहुंचते हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता है। कानून व्यवस्था का सवाल खड़ा हो जाता है। सहारनपुर हिंसा में भी अफसरों की लापरवाही सामने आई थी। राज्य सरकार ने केंद्र को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें कहा था कि सहारनपुर के जिलाधिकारी और एसएसपी के बीच समन्वय की कमी थी।
प्रशासन स्थिति का आंकलन ही नहीं कर पाया था। प्रशासन ने जुलूस की अनुमति दे दी लेकिन पुलिस को बताया ही नहीं गया था। मथुरा में भी यही स्थिति रही। रविवार को मथुरा-भरतपुर मार्ग पर मकेरा पुलिया से टकराकर इनोवा नहर में गिर गई थी दस लोगों की मौत हो गई। मगोर्रा थाने की पुलिस तो तत्काल पहुंच गई थी लेकिन प्रशासनिक अफसर आठ बजे के बाद पहुंचे।
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यहां भी पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल का आभाव रहा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अफसरों की लापरवाही रही है। अगर अधिकारी तत्काल घटना पर पहुंचते हैं तो उससे उनकी सक्रियता पता चलती है। पब्लिक का आक्रोश भी तत्काल समाप्त हो जाता है।
जब अधिकारी समय से नहीं पहुंचेंगे तो पब्लिक को विरोधी लोग भड़का देते हैं। इससे हालात बिगड़ जाते हैं। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी डीएम और पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचे। एसएसपी और डीएम साथ निकलें। एसडीएम और सीओ साथ होने चाहिए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मौके पर न पहुंचने वाले अफसरों पर शासन सख्त कार्रवाई करेगा।
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सरकार को लगातार इनपुट मिल रहा है कि घटनाओं के बाद अधिकारी मौके पर पहुंच नहीं रहे हैं या घंटों बाद पहुंचते हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता है। कानून व्यवस्था का सवाल खड़ा हो जाता है। सहारनपुर हिंसा में भी अफसरों की लापरवाही सामने आई थी। राज्य सरकार ने केंद्र को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें कहा था कि सहारनपुर के जिलाधिकारी और एसएसपी के बीच समन्वय की कमी थी।
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प्रशासन स्थिति का आंकलन ही नहीं कर पाया था। प्रशासन ने जुलूस की अनुमति दे दी लेकिन पुलिस को बताया ही नहीं गया था। मथुरा में भी यही स्थिति रही। रविवार को मथुरा-भरतपुर मार्ग पर मकेरा पुलिया से टकराकर इनोवा नहर में गिर गई थी दस लोगों की मौत हो गई। मगोर्रा थाने की पुलिस तो तत्काल पहुंच गई थी लेकिन प्रशासनिक अफसर आठ बजे के बाद पहुंचे।
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यहां भी पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल का आभाव रहा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अफसरों की लापरवाही रही है। अगर अधिकारी तत्काल घटना पर पहुंचते हैं तो उससे उनकी सक्रियता पता चलती है। पब्लिक का आक्रोश भी तत्काल समाप्त हो जाता है।
जब अधिकारी समय से नहीं पहुंचेंगे तो पब्लिक को विरोधी लोग भड़का देते हैं। इससे हालात बिगड़ जाते हैं। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी डीएम और पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचे। एसएसपी और डीएम साथ निकलें। एसडीएम और सीओ साथ होने चाहिए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मौके पर न पहुंचने वाले अफसरों पर शासन सख्त कार्रवाई करेगा।