UP: 'साहब! मैं कोर्ट क्यों जाऊं, आप किसलिए बैठे हैं' डीएम के सामने फफक पड़ीं 70 साल की बुजुर्ग; बयां किया दर्द
आगरा में जनसुनवाई के दौरान 70 वर्षीय विनीता मित्तल डीएम मनीष बंसल के सामने फफक पड़ीं और बोलीं- ‘साहब, मैं क्यों लड़ूं मुकदमा, आप अधिकारी किस लिए बैठे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि किराएदार एग्रीमेंट खत्म होने के बावजूद फ्लैट खाली नहीं कर रहा और पुलिस कार्रवाई के बजाय कोर्ट जाने की सलाह दे रही है। डीएम ने एसीपी और एसीएम से संयुक्त जांच के निर्देश दिए।
विस्तार
समय : दोपहर 12:30 बजे
आगरा जिलाधिकारी मनीष बंसल कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। उनकी टेबल के एक ओर एडीएम सिटी और अन्य मजिस्ट्रेट बैठे थे तो दूसरी तरफ एसडीएम। कक्ष में अपनी बारी का इंतजार करते फरियादियों के बीच अचानक एक आवाज गूंजती है- साहब.. मैं क्यों लड़ूं मुकदमा...मैं क्यों जाऊं कोर्ट...आप अधिकारी किस लिए बैठे हैं।
विनीता के बेटे अनुराग नोएडा में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल में जब किराएदार से फ्लैट खाली करने को कहा गया तो उसने मना कर दिया। परेशान होकर परिवार ने 27 मई को जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर शिकायत संदर्भ संख्या- 40014626034163 दर्ज कराई थी। थाना छत्ता के उपनिरीक्षक राजबाबू यादव ने थाने में दोनों पक्षों को सुना था। वहां किराएदार तरुण गुप्ता ने समय मांगा और पुलिस ने एक एग्रीमेंट/अंडरटेकिंग तैयार करवाई, जिसमें उसने 10 अगस्त तक फ्लैट खाली करने की लिखित सहमति दी थी लेकिन अब मियाद बीत जाने के बाद भी वह मकान खाली नहीं कर रहा है और धमकाते हुए कहता है- जाओ कोर्ट से खाली करा लो।
डीएम ने दिए एसीपी और एसीएम से जांच के निर्देश
विनीता मित्तल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। थाना छत्ता पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस पूरे मामले को आपसी सहमति और सिविल प्रकृति का बताकर पल्ला झाड़ लिया है। पीड़िता द्वारा डीएम कक्ष में जोर-जोर से बोलने के कारण हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इस पर डीएम ने मौके से ही पुलिस अधिकारी से बात करके निर्देश दिए कि एसीपी और एसीएम दोनों से इस मामले की संयुक्त जांच कराएं।