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Agra: दो कमेटियों की लड़ाई में पिस रहे 70 दृष्टिबाधित बच्चे, चार दिन से विद्यालय पर लटका ताला
Wed, 17 Dec 2025 12:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:13 PM IST
सार
कीठम स्थित सूरकुटी दृष्टिबाधित विद्यालय के 70 बच्चे दो समितियों की लड़ाई में पिस रहे हैं। चार दिन से विद्यालय पर ताला लटका है। दृष्टिबाधित बच्चे कभी मंडलायुक्त तो कभी जिलाधिकारी कार्यालय पर भटक रहे हैं। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने डीएम अरविंद बंगारी से मुलाकात कर हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की गुहार लगाई है।
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आगरा जिलाधिकारी बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सूरकुटी दृष्टिबाधित विद्यालय में कक्षा एक से 5 तक 70 बच्चे हैं। दो समितियों में लंबे समय से प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि एक समिति से साठगांठ कर खंड शिक्षा अधिकारी सौरभ आनंद ने 12 दिसंबर को नोटिस जारी कर विद्यालय संचालन पर रोक लगा दी है। प्रधानाचार्य महेश कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश है कि बिना हमारा पक्ष सुने दोनों समितियों के हक में कोई निर्णय नहीं लिया जाए।
एक समिति अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए चिट फंड डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय और शिक्षा विभाग से मिलकर दृष्टिबाधित बच्चों को दर-दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर कर रही है। मंगलवार को विद्यालय का प्रतिनिधिमंडल डीएम अरविंद बंगारी से मिला। डीएम ने बीएसए-एबीएसए को तलब करने और मामले की विस्तृत जांच कराए बिना कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
1976 से संचालित है दृष्टिबाधितों का विद्यालय
सूरकुटी दृष्टिबाधित विद्यालय 1976 से संचालित हैं। यहां नेत्रहीन और दृष्टिबाधित बच्चे पढ़ते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के नोटिस के बाद इन बच्चों की शिक्षा और आवास पर संकट खड़ा हो गया है। विद्यालय में आवासित बच्चे परेशान हैं। यहां 12 से अधिक कर्मियों का स्टाफ है।
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एक समिति अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए चिट फंड डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय और शिक्षा विभाग से मिलकर दृष्टिबाधित बच्चों को दर-दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर कर रही है। मंगलवार को विद्यालय का प्रतिनिधिमंडल डीएम अरविंद बंगारी से मिला। डीएम ने बीएसए-एबीएसए को तलब करने और मामले की विस्तृत जांच कराए बिना कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
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1976 से संचालित है दृष्टिबाधितों का विद्यालय
सूरकुटी दृष्टिबाधित विद्यालय 1976 से संचालित हैं। यहां नेत्रहीन और दृष्टिबाधित बच्चे पढ़ते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के नोटिस के बाद इन बच्चों की शिक्षा और आवास पर संकट खड़ा हो गया है। विद्यालय में आवासित बच्चे परेशान हैं। यहां 12 से अधिक कर्मियों का स्टाफ है।
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