{"_id":"62f3f100de061d1f3f594d4e","slug":"70-e-ticket-machines-arrived-at-the-depot-being-distributed-along-with-training-kasganj-news-agr543086872","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिपो पर पहुंची 70 ई टिकट मशीनें, प्रशिक्षण के साथ की जा रहीं वितरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिपो पर पहुंची 70 ई टिकट मशीनें, प्रशिक्षण के साथ की जा रहीं वितरित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। यात्रियों को कैशलेस टिकट की सुविधा देने के लिए डिपो 70 ई टिकट मशीनें पहुंच चुकी है। शीघ्र ही अन्य मशीनें पहुंचने की उम्मीद हैं। इन मशीनों को प्रशिक्षण के साथ ही परिचालकों को दिया जा रहा हैं। अभी दो ऑप्शन ही मशीनें में ओपिन है। जिनमें एक क्यूआर कोड एवं दूसरा कैश हैं।
डिपो पर 104 मशीनों की आवश्यकता हैं। जिसमें 83 मशीनों की स्वीकृति दी गई। लेकिन अभी तक डिपो पर 70 ई टिकट मशीनें ही पहुंच सकी हैं। परिचालकों को मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे मशीनों का परिचालक पूरी तरह से संचालन कर सकें। जैसे जैसे प्रशिक्षण पूर्ण हो रहा है मशीनें परिचालकों को दी जाएगी।
रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम की बसों में दो दिन महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा होगी। इसी को देखते हुए मशीनों में शून्य बैलेंस की टिकट को भी फीड किया गया है। संचालन प्रभारी डिपो बृजेश कुमार का कहना है कि अभी 70 मशीनों ही डिपो पर पहुंची हैं। परिचालकों को प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें मशीनें टिकट काटने के लिए दी जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
डिपो पर 104 मशीनों की आवश्यकता हैं। जिसमें 83 मशीनों की स्वीकृति दी गई। लेकिन अभी तक डिपो पर 70 ई टिकट मशीनें ही पहुंच सकी हैं। परिचालकों को मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे मशीनों का परिचालक पूरी तरह से संचालन कर सकें। जैसे जैसे प्रशिक्षण पूर्ण हो रहा है मशीनें परिचालकों को दी जाएगी।
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम की बसों में दो दिन महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा होगी। इसी को देखते हुए मशीनों में शून्य बैलेंस की टिकट को भी फीड किया गया है। संचालन प्रभारी डिपो बृजेश कुमार का कहना है कि अभी 70 मशीनों ही डिपो पर पहुंची हैं। परिचालकों को प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें मशीनें टिकट काटने के लिए दी जा रही हैं।
विज्ञापन