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69 हजार शिक्षकों की भर्ती में चयनित अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के काटने को मजबूर, ये है वजह

Thu, 18 Jun 2020 12:14 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 18 Jun 2020 12:14 PM IST
सार

  • कई बार आवेदन करने पर भी नहीं मिल रही डिग्री
  • 250 से 300 अभ्यर्थी हर रोज आते हैं परेशानी लेकर

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69 Thousand Teachers Recruitment Candidate Waits To Getting Digree
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से डिग्री न मिल पाने से सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर बन आई है। छात्रों का चयन शिक्षक भर्ती में हो गया है, काउंसिलिंग के लिए डिग्री चाहिए, लेकिन लगातार चक्कर काटने पर भी डिग्री नहीं बन पा रही। ऐसे में अभ्यर्थियों को नौकरी में दिक्कत का डर सता रहा है।
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विश्वविद्यालय में डिग्री-मार्कशीट के लिए रोजाना ढाई से तीन सौ छात्र-छात्राएं आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में चयनित अभ्यर्थी हैं। बुधवार को ऐसे ही अभ्यर्थियों की भीड़ विश्वविद्यालय पहुंची। इनका आरोप था कि शिक्षक नियुक्ति की काउंसिलिंग के लिए वास्तविक प्रमाणपत्र चाहिए, लेकिन विवि से डिग्री नहीं मिल पा रही है।
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इनमें 2008 से 2014 सत्र के ज्यादा अभ्यर्थी हैं। छात्रों ने बताया कि डिग्री के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन सभी तरीकों से तीन से पांच बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन डिग्री अभी तक नहीं बन पाई है। छात्रों का कहना है कि काउंसिलिंग में वास्तविक प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाए तो नौकरी में परेशानी खड़ी होगी।
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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि शिक्षकों की काउंसिलिंग में जमा करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री प्राथमिकता पर बनाई जा
रही है, कुछ मामलों में एसआईटी की जांच के चलते भी देरी हो रही है। प्रोविजनल डिग्री की भी व्यवस्था की गई है।

मार्कशीट, नामांकन संख्या समेत कई त्रुटियां सही कराने भी आ रहे छात्र
विश्वविद्यालय में मार्कशीट में नाम, अंकों की गड़बड़ी भी खूब हुई। नामांकन संख्या भी गलत दर्ज कर दी। इनको ठीक कराने के लिए दूरदराज से सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय पहुंचते हैं। विभागों के चक्कर काटने के बाद समस्या का समाधान नहीं हो पाता। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

दो साल पहले किया था आवेदन
- 2013 सत्र की बीएड है, दो साल पहले डिग्री के लिए आवेदन किया था, लेकिन बनी नहीं। अब शिक्षक भर्ती में नंबर आ गया है, सप्ताह भर पहले फिर से आवेदन किया है। -ज्योति शुक्ला, कमला नगर

दोबारा आवेदन किया पर नहीं मिली डिग्री
बीएड 2010-11 सत्र की डिग्री है। 2019 में डिग्री के लिए आवेदन किया, लगातार चक्कर काटने पर भी डिग्री नहीं बनी। पिछले महीने दोबारा आवेदन किया है। -कुमकुम सिंह, मथुरा

डिग्री न मिली तो नौकरी में होगी परेशानी
शिक्षक भर्ती में नाम आ गया है। काउंसिलिंग से पहले डिग्री चाहिए, बीएड 2008 सत्र की डिग्री है। ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया, डिग्री न मिलने से नौकरी में दिक्कत न हो जाए। -रामप्रकाश, बांदा
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