फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   घुंघरू नगरी के लोगों को रास नहीं आया सीएम का आश्वासन

घुंघरू नगरी के लोगों को रास नहीं आया सीएम का आश्वासन

Tue, 24 Jul 2018 11:18 PM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:18 PM IST
विज्ञापन
घुंघरू नगरी के लोगों को रास नहीं आया सीएम का आश्वासन
एटा में पत्रकार वार्ता करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
जलेसर (एटा)। घुंघरू घंटी की नगरी को आजादी के 70 वर्षो से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। सीएम योगी के आगमन पर जलेसर के लोगों को खासी उम्मीद थी, मगर एक बार फिर घंटा लोगों को सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है।
विज्ञापन

जनसभा में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को पालिकाध्यक्ष विकास मित्तल ने 101 किग्रा का घंटा देकर स्वागत किया था। प्रतीक चिन्ह के रुप में दिया गया जलेसर का घंटा गोरखनाथ मंदिर में लगाया जाएगा। जनसभा में सीएम ने मंच से इस बात को स्वीकार भी किया था कि एटा की पहचान घंटा है। प्रदेश के मुखिया ने जलेसर के घुंघरू घंटी उद्योग की तारीफ तो की लेकिन उसके विकास के लिए कोई घोषणा न करके जलेसर की जनता को निराश जरूर किया।
विज्ञापन

हालांकि सीएम योगी ने जलेसर विधायक संजीव दिवाकर और पालिकाध्यक्ष विकास मित्तल को आश्वासन दिया है कि वह जलेसर के उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद करेंगे। इसके लिए व्यापारियों के साथ लखनऊ आने का निमंत्रण भी दिया है। जहां उद्योग की समस्याओं का न केवल समाधान निकाला जाएगा बल्कि विकास की योजना भी तैयार किए जाने की बात कहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व में भी सीएम देते रहे हैं आश्वासन
जलेसर। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि सीएम ने जलेसर के लोगों को आश्वासन दिया हो। अब से पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, कल्यान सिंह, राजनाथ सिंह आदि चुनावी सभा में इस तरह के आश्वासन देते रहे हैं। मगर हर बार आश्वासन कब तक पूरा होगा। यह देखना है।
पटना पक्षी विहार भी उपेक्षा का शिकार
जलेसर। आजादी के बाद वर्ष 1984 में जिले में स्थापित किया गया एक मात्र पर्यटन स्थल पक्षी विहार भी उपेक्षा का शिकार है।
राजनेता सिर्फ आश्वासन देते ही चले आ रहे हैं। जब तक जलेसर को कुछ मिल नहीं जाता। तब तक अब हम इन आश्वासन को नहीं मानते।
जितेंद्र वार्ष्णेय, समाजसेवी
-सरकारें कब तक जलेसर के लोगों के सब्र का इंतहान लेती रहेंगी। अब सरकारों को आश्वासन नहीं विकास कराना होगा।
मनोज बजरंगी, व्यापारी
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते जलेसर का विकास नहीं हो पाया है। अब जरूरी है जनप्रतिनिधि विकास कराकर दिखाए।
निर्मल गुप्ता, व्यापारी
घुंघरू घंटी के नाम से पहचान बना चुके नगर के लोगों को अब आश्वासन नहीं विकास की जरूरत है।
पवन ठाकुर, भाकियू नेजा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed