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कोसी में घोड़ी और गधे में मिला ग्लैंडर्स रोग
Updated Thu, 22 Mar 2018 08:44 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। घोड़ों में होने वाली खतरनाक बीमारी ग्लैंडर्स का वायरस कोसीकलां तक पहुंच गया है। एक घोड़ी और एक गधे में ग्लैंडर्स की पुष्टि हो गई है। अब इस बीमार घोड़ी और गधे को मारा जाएगा। वहीं, पशु चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। कोसीकलां से पांच किलोमीटर के दायरे में जितने भी गधे और घोड़े होंगे सभी के खून के सैंपल जांच को लिए जाएंगे।
ग्लैंडर्स नाम की इस खतरनाक बीमारी की पुष्टि कोसीकलां के मोहल्ला नत्थी कालोनी निवासी सलाउद्दीन की घोड़ी में हुई है, जबकि खेड़ा मोहल्ला निवासी लखन के गधे में ग्लैंडर्स का वायरस पाया गया है। बताया जाता है कि 22 फरवरी को दोनों के सीरम का सैंपल हरियाणा के हिसार में स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान को भेजा गया था। 22 मार्च को अनुसंधान ने जो रिपोर्ट जारी की है उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
पशु चिकित्साधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि मथुरा से 200 घोड़ों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद सलाउद्दीन और लखन के परिवार को सतर्क कर दिया गया है। दोनों को बता दिया गया कि है वह इन बीमार जानवरों के आसपास न जाएं। दूसरे पशुओं को भी इनके संपर्क में नहीं आने दें। इन घोड़े और गधे को मारा जाएगा। मारने के अलावा कोई चारा नहीं है।
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आगरा और हरियाणा को भी किया अलर्ट
मथुरा। सलाउद्दीन की जिस घोड़ी में ग्लैंडर्स पाया गया है उसे तीन महीने पहले आगरा से खरीदा गया था। सलाउद्दीन से जानकारी करने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने वहां के विभागीय अफसरों को भी जानकारी दे दी है ताकि वह इस घोड़ी के संपर्क में आने वाले दूसरे जानवरों की भी जांच करा सकें। वहीं गधा पांच महीने पहले हरियाणा के मेवात से खरीदा गया था। वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। डाक्टरों ने बताया कि पांच किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों में जो भी घोड़े और गधे होंगे सभी की जांच कराई जाएगी।
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ग्लैंडर्स नाम की इस खतरनाक बीमारी की पुष्टि कोसीकलां के मोहल्ला नत्थी कालोनी निवासी सलाउद्दीन की घोड़ी में हुई है, जबकि खेड़ा मोहल्ला निवासी लखन के गधे में ग्लैंडर्स का वायरस पाया गया है। बताया जाता है कि 22 फरवरी को दोनों के सीरम का सैंपल हरियाणा के हिसार में स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान को भेजा गया था। 22 मार्च को अनुसंधान ने जो रिपोर्ट जारी की है उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
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पशु चिकित्साधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि मथुरा से 200 घोड़ों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद सलाउद्दीन और लखन के परिवार को सतर्क कर दिया गया है। दोनों को बता दिया गया कि है वह इन बीमार जानवरों के आसपास न जाएं। दूसरे पशुओं को भी इनके संपर्क में नहीं आने दें। इन घोड़े और गधे को मारा जाएगा। मारने के अलावा कोई चारा नहीं है।
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आगरा और हरियाणा को भी किया अलर्ट
मथुरा। सलाउद्दीन की जिस घोड़ी में ग्लैंडर्स पाया गया है उसे तीन महीने पहले आगरा से खरीदा गया था। सलाउद्दीन से जानकारी करने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने वहां के विभागीय अफसरों को भी जानकारी दे दी है ताकि वह इस घोड़ी के संपर्क में आने वाले दूसरे जानवरों की भी जांच करा सकें। वहीं गधा पांच महीने पहले हरियाणा के मेवात से खरीदा गया था। वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। डाक्टरों ने बताया कि पांच किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों में जो भी घोड़े और गधे होंगे सभी की जांच कराई जाएगी।