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आवास पाने की दौड़ से 1022 आवेदक बाहर
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:59 PM IST
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महिला आश्रम सदन
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जिले में 1022 लाभार्थी अपात्र निकले हैं। यह आंकड़ा कुल आवासों का 47 फीसदी है। इसे देखते हुए कई नगर पंचायतों की फिर जांच कराई जा सकती है।
जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए आवेदन भरे गए थे। पहले चरण में सभी जांचों को पूरा कर विकास भवन में कार्यक्रम आयोजित करा सभी नगर पंचायतों के 10-10 लोगों को प्रमाण पत्र भी वितरति कर दिए गए, लेकिन इसके बाद डीएम के निर्देश पर दोबारा जांच शुरू की गई। दोबारा हुई जांच में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। सभी नगर पंचायतों में अपात्रों की संख्या बढ़ती चली गई। वहीं नगर पालिका की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। शहर की जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत उन लोगों को पात्र माना जाता है। जो शहरी सीमा के अंदर निवास करते हों और उनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से ज्यादा न हो। इस दौरान लाभार्थी को डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। इसके अलावा 86 हजार रुपये लाभार्थियों को स्वयं लगाना होगा।
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जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए आवेदन भरे गए थे। पहले चरण में सभी जांचों को पूरा कर विकास भवन में कार्यक्रम आयोजित करा सभी नगर पंचायतों के 10-10 लोगों को प्रमाण पत्र भी वितरति कर दिए गए, लेकिन इसके बाद डीएम के निर्देश पर दोबारा जांच शुरू की गई। दोबारा हुई जांच में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। सभी नगर पंचायतों में अपात्रों की संख्या बढ़ती चली गई। वहीं नगर पालिका की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। शहर की जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
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प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत उन लोगों को पात्र माना जाता है। जो शहरी सीमा के अंदर निवास करते हों और उनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से ज्यादा न हो। इस दौरान लाभार्थी को डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। इसके अलावा 86 हजार रुपये लाभार्थियों को स्वयं लगाना होगा।
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