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दो ग्राम प्रधान और एक पंचायत सचिव निलंबित
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में घोटालेबाज ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डीएम ने गांव बहादुरपुर कासिमपुर और अंगरैया जमुनाई के प्रधान को घोटालों के चलते निलंबित करते हुए समिति गठित की है। वहीं बिना वर्क आईडी धन खर्च करने पर एक ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित किया है।
ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों को लेकर प्रशासन सख्त है। अब एक बार फिर से ग्राम पंचायत बहादुरपुर कासिमपुर और अंगरैया जुमनाई में घोटाले सामने आने के बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की है। दरअसल पिछले दिनों अंगरैया जमुनाई मेें जांच के दौरान करीब 13 लाख रुपये का घोटाला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने प्रधान और सचिव से जवाब मांगा था। मामले में प्रधान कोई जवाब नहीं दे सके।
वहीं ग्राम पंचायत सचिव बहादुरगढ़ कासिमपुर में हुए घोटाले पर भी डीएम ने निलंबन किया है। डीएम ने दोनों प्रधानों को निलंबित करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसके साथ ही अवागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत सचिव नरेश कुमार को भी निलंबित किया गया है।
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बताया जाता है कि ग्राम पंचायत सचिव ने ग्राम निधि खातों से करीब 54 लाख रुपये बिना वर्क आईडी धन की निकासी की और नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर डीएम ने पंचायत सचिव के निलंबन की संस्तुति की है। डीएम अमित किशोर ने बताया कि घोटालेबाजों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। निलंबन के साथ रिकवरी भी की जाएगी।
सचिवों को विभाग ने बचाया
ग्राम पंचायत बहादुरगढ़ कासिमपुर और अंगरैया जमुनाई में पंचायत सचिव भी घोटाले में शामिल रहे। मगर विभाग ने प्रधानों के खिलाफ ही कार्रवाई और जांच की। ऐसे में विभाग ने एक बार फिर पंचायत सचिवों को बचा लिया।
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ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों को लेकर प्रशासन सख्त है। अब एक बार फिर से ग्राम पंचायत बहादुरपुर कासिमपुर और अंगरैया जुमनाई में घोटाले सामने आने के बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की है। दरअसल पिछले दिनों अंगरैया जमुनाई मेें जांच के दौरान करीब 13 लाख रुपये का घोटाला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने प्रधान और सचिव से जवाब मांगा था। मामले में प्रधान कोई जवाब नहीं दे सके।
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वहीं ग्राम पंचायत सचिव बहादुरगढ़ कासिमपुर में हुए घोटाले पर भी डीएम ने निलंबन किया है। डीएम ने दोनों प्रधानों को निलंबित करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसके साथ ही अवागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत सचिव नरेश कुमार को भी निलंबित किया गया है।
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बताया जाता है कि ग्राम पंचायत सचिव ने ग्राम निधि खातों से करीब 54 लाख रुपये बिना वर्क आईडी धन की निकासी की और नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर डीएम ने पंचायत सचिव के निलंबन की संस्तुति की है। डीएम अमित किशोर ने बताया कि घोटालेबाजों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। निलंबन के साथ रिकवरी भी की जाएगी।
सचिवों को विभाग ने बचाया
ग्राम पंचायत बहादुरगढ़ कासिमपुर और अंगरैया जमुनाई में पंचायत सचिव भी घोटाले में शामिल रहे। मगर विभाग ने प्रधानों के खिलाफ ही कार्रवाई और जांच की। ऐसे में विभाग ने एक बार फिर पंचायत सचिवों को बचा लिया।