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स्वाइन फ्लू: जनपद में न फिजीशियन न जांच के इंतजाम

Sun, 24 Sep 2017 11:45 PM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:45 PM IST
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स्वाइन फ्लू: जनपद में न फिजीशियन न जांच के इंतजाम
स्वाइन फ्लू
कासगंज। एटा में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद जनपद में भी खतरा बड़ गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है।
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न तो जनपद में एक भी फिजीशियन है और न हीं जांच के इंतजाम। ऐसे में जनपद में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद स्थिति खराब हो सकती हैं।

स्वाइन फ्लू प्रदेश के कई जनपदों से होता हुआ पड़ोसी जनपद एटा तक पहुंच चुका है। एटा के शिक्षक की स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर मौत के बाद जनपद में स्वास्थ्य विभाग मेें हड़कंप है।
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विभाग ने बीमारी से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने अपने सभी कर्मियों का टीकाकरण कराया है। विभाग ने जिला संयुक्त चिकित्सालय पर पांच बेड का वार्ड भी बना दिया है।
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इसी क्रम में सभी सीएचसी पर दवाओं की व्यवस्था की गई है। हालांकि विभाग की तैयारियां कितनी कारगर होंगी, आने वाला समय बताएगा। जनपद में लंबे समय से फिजीशियन चिकित्सक के पद रिक्त है।


एक भी फिजीशियन न होने से आमतौर पर पीड़ितों को ही सही इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के मरीज का उपचार कैसे संभव होगा। इसके अतिरिक्त विभाग के पास फ्लू की जांच के लिए भी संसाधन नहीं है। यहां से जांच के लिए सेंपल बाहर भेजना पड़ता है। ऐसे में रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता हे।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

- स्वाइन फ्लू के लक्षण आम तौर पर साधारण फ्लू की तरह होते हैं।
- खांसी, सर्दी, जुकाम व नाक बहना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- कमजोरी, बेचैनी व चिड़चिड़ापन महसूस होना।
- आलस आना, बेहोश हो जाना अथवा ठीक से खड़े न हो पाना।
- लंबे समय तक तेज बुखार।
- तरल पदार्थ पीने में कठिनाई।
- सीने, गले अथवा पेट में दर्द होना।
- गले में खराश या उल्टी-दस्त की शिकायत।
- भूख न लगना, कफ बनना।
फ्लू और सामान्य सर्दी में भेद
- सर्दी लगने पर बुखार अमुमन नहीं आता, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर 100-102 डिग्री बुखार आम है।
- सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर काफी सरदर्द होता है और असहनीय बदन दर्द होता है।
- सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है परंतु स्वाइन फ्लू से अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
- सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है, परंतु स्वाइन फ्लू होने से नाक अमुमन जाम नहीं होती।

क्या रखें सावधानी-

- छींकते समय टिस्यू पेपर से नाक को ढकें और फिर उस पेपर को सावघानी से नष्ट कर दें।
- अपने हाथों को लगातार साबुन से घोते रहें। घर, ऑफि स के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे।
- यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर न जाएं और दूसरों के नजदीक न जाएं।
- बुखार ठीक होने के24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाड्रेशन न हो।
- संभव हो तो फेसमास्क पहने लें।
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