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मथुरा से पलवल तक हाईस्पीड ट्रेन का प्रोजेक्ट फंसा
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:56 PM IST
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मथुरा। पलवल से मथुरा के बीच हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने का प्रोजेक्ट फंसता नजर आ रहा है। जब तक 450 पेड़ नहीं कटेंगे लाइन बिछ ही नहीं पाएगी। इसके लिए अस्सी किलोमीटर में लाइन बिछाई जानी है। कई जगह तो मिट्टी डालने का काम भी रोकना पड़ रहा है।
मथुरा से पलवल तक हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने को चौथी रेलवे लाइन बिछाने का काम नवंबर 2016 में शुरू हुआ था। मौजूदा समय में लाइन के लिए मिट्टी डाली जा रही है। पत्थर बिछाने का काम चल रहा है। ओएचई के लिए कहां-कहां पोल लगाए जाएंगे उसका चिन्हीकरण हो रहा है। रेल विकास निगम द्वारा काम कराया जा रहा है। अभी तक सबसे ज्यादा काम पलवल, रुंधी व होडल स्टेशनों के बीच चल रहा है। यहां 60 प्रतिशत मिट्टी का काम और गिट्टी बिछाने का काम भी तीस फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। लेकिन पेड़ों के कटान की अनुमति न मिल पाने से पूरा प्रोजेक्ट ही थमने लगा है। बगैर पेड़ों को काटे लाइन बिछ ही नहीं सकती है।
हरियाणा सीमा में वन विभाग से मिली अनुमति
मथुरा। पलवल से मथुरा तक चौथी लाइन निर्माण के लिए पलवल जनपद में 30 किलोमीटर इलाके में 250 से अधिक हरे वृक्ष इस दायरे में आ रहे थे। रेलवे सूत्रों के अनुसार इन वृक्षों को पलवल के वन विभाग द्वारा काटने की अनुमति मिल जाने के बाद काम तेजी से चल रहा है।
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आस्ट्रेलिया से ली गई तकनीक
मथुरा। पलवल से मथुरा तक बनाई जा रही चौथी लाइन के बाद इस रूट पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ सकेंगी। डीआरएम के पीआरओ संचित त्यागी ने बताया कि चौथी लाइन को उच्च गुणवत्ता वाले मानकों पर बनाया जा रहा है। इसमें आस्ट्रेलिया से ली गई तकनीक वाले सिगभनल सिस्टम एसएसआई (सालिड स्टेट इंटरलॉकिंग) लगाए जा रहे हैं। लाइन में हैवी वेट के स्लीपर बिछाए जा रहे हैं।
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मथुरा से पलवल तक हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने को चौथी रेलवे लाइन बिछाने का काम नवंबर 2016 में शुरू हुआ था। मौजूदा समय में लाइन के लिए मिट्टी डाली जा रही है। पत्थर बिछाने का काम चल रहा है। ओएचई के लिए कहां-कहां पोल लगाए जाएंगे उसका चिन्हीकरण हो रहा है। रेल विकास निगम द्वारा काम कराया जा रहा है। अभी तक सबसे ज्यादा काम पलवल, रुंधी व होडल स्टेशनों के बीच चल रहा है। यहां 60 प्रतिशत मिट्टी का काम और गिट्टी बिछाने का काम भी तीस फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। लेकिन पेड़ों के कटान की अनुमति न मिल पाने से पूरा प्रोजेक्ट ही थमने लगा है। बगैर पेड़ों को काटे लाइन बिछ ही नहीं सकती है।
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हरियाणा सीमा में वन विभाग से मिली अनुमति
मथुरा। पलवल से मथुरा तक चौथी लाइन निर्माण के लिए पलवल जनपद में 30 किलोमीटर इलाके में 250 से अधिक हरे वृक्ष इस दायरे में आ रहे थे। रेलवे सूत्रों के अनुसार इन वृक्षों को पलवल के वन विभाग द्वारा काटने की अनुमति मिल जाने के बाद काम तेजी से चल रहा है।
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आस्ट्रेलिया से ली गई तकनीक
मथुरा। पलवल से मथुरा तक बनाई जा रही चौथी लाइन के बाद इस रूट पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ सकेंगी। डीआरएम के पीआरओ संचित त्यागी ने बताया कि चौथी लाइन को उच्च गुणवत्ता वाले मानकों पर बनाया जा रहा है। इसमें आस्ट्रेलिया से ली गई तकनीक वाले सिगभनल सिस्टम एसएसआई (सालिड स्टेट इंटरलॉकिंग) लगाए जा रहे हैं। लाइन में हैवी वेट के स्लीपर बिछाए जा रहे हैं।