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बस्ती में पहुंचा मगरमच्छ, लोगों ने मार डाला
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:44 AM IST
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
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एका (फिरोजाबाद)। कुशवाह मोहल्ले में शनिवार की रात चार फीट लंबे मगरमच्छ को देखकर लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे मार दिया। साथ ही नदी के किनारे फेंक दिया।
कस्बा कुशवाह मोहल्ले में राजेंद्र की दुकान के पास चार फीट लंबा एक मगरमच्छ आ गया। इसे देखते ही सभी के होश उड़ गए। किसी ने टार्च मारी तो किसी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मगरमच्छ किसी पर हमलावर नहीं हो जाए इस लिहाज से घरों से लाठी डंडे भी लेकर कस्बावासी दौड़ पड़े।
लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने की बात कही लेकिन किसी के पास नंबर नहीं मिला। लाठी और डंडों से जब मगरमच्छ पकड़ में नहीं आया तो मोहल्ले के लोगों ने भाला से हमला करना शुरू किया। इसके बाद ही मगरमच्छ कब्जे में आया। नुकीले भाले से हमला करने के कारण उसकी मौत हो गई। ग्रामीण उसे नहर के किनारे फेंक आए।
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कुशवाह नगर के लोग परेशान हैं कि मोहल्ले में कोई तालाब नहीं हैं। वहीं, जेड़ाझाल की नहर काफी दूर है। आखिर मगरमच्छ इतनी दूर तक कैसा आया। मगरमच्छ आने के बाद क्षेत्र के लोग काफी भयभीत हैं।
हाथवंत ब्लाक के गांव दारापुर रसैनी के तालाब में दो बार मगरमच्छ निकल चुके हैं। मगरमच्छ नहर काफी करीब होने के कारण तालाब तक आ जाते हैं। उनके कारण तालाब में अब कोई नहीं जाता है।
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कस्बा कुशवाह मोहल्ले में राजेंद्र की दुकान के पास चार फीट लंबा एक मगरमच्छ आ गया। इसे देखते ही सभी के होश उड़ गए। किसी ने टार्च मारी तो किसी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मगरमच्छ किसी पर हमलावर नहीं हो जाए इस लिहाज से घरों से लाठी डंडे भी लेकर कस्बावासी दौड़ पड़े।
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लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने की बात कही लेकिन किसी के पास नंबर नहीं मिला। लाठी और डंडों से जब मगरमच्छ पकड़ में नहीं आया तो मोहल्ले के लोगों ने भाला से हमला करना शुरू किया। इसके बाद ही मगरमच्छ कब्जे में आया। नुकीले भाले से हमला करने के कारण उसकी मौत हो गई। ग्रामीण उसे नहर के किनारे फेंक आए।
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कुशवाह नगर के लोग परेशान हैं कि मोहल्ले में कोई तालाब नहीं हैं। वहीं, जेड़ाझाल की नहर काफी दूर है। आखिर मगरमच्छ इतनी दूर तक कैसा आया। मगरमच्छ आने के बाद क्षेत्र के लोग काफी भयभीत हैं।
हाथवंत ब्लाक के गांव दारापुर रसैनी के तालाब में दो बार मगरमच्छ निकल चुके हैं। मगरमच्छ नहर काफी करीब होने के कारण तालाब तक आ जाते हैं। उनके कारण तालाब में अब कोई नहीं जाता है।