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बेटे की बर्बादी की खबर पाकर सदमे से पिता की मौत
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बेटे की बर्बादी की खबर पाकर सदमे से पिता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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पटियाली। गांव नगला महरी में आग की घटना के बाद बेटे की बर्बादी की खबर सुन पिता सुधबुध खो बैठे। गंगा पार गांव में रहने वाला पिता खबर सुनने के बाद जैसे ही घर से निकला उसके सीने में दर्द उठा और उसने दम तोड़ दिया। पिता की मौत के बाद से परिवार में कोहराम है।
अग्निकांड की घटना के बाद महरी के देवेंद्र का घर जल गया। बर्बादी इस कदर हुई कि एक दाना तक नहीं बचा। देवेंद्र अपनी बहन की शादी के लिए धीमे धीमे सामान जुटा रहा था। करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हो गया। मजदूरी कर जुटाया गया सामान जल जाने के बाद देवेंद्र बर्बाद हो गया है। उस पर एक और मार पड़ गई है। उसके पिता हरी सिंह (58) गंगा पार गांव धरमपुर में रहते थे। उन्हें बेटे की बर्बादी की खबर मिली तो वह सदमे में आ गए। गांव महरी में पहुंचने के लिए वह घर से निकल पड़े। जैसे ही घर के दरवाजे से बाहर निकले उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह सड़क पर गिर गए। सदमे में आए पिता की मौत हो गई। जब यह खबर उस तक पहुंची तो वह टूट गया। उसका कहना है कि पिता उसे बहुत सहारा देते थे, लेकिन उनका यह सहारा छूट गया।
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अग्निकांड की घटना के बाद महरी के देवेंद्र का घर जल गया। बर्बादी इस कदर हुई कि एक दाना तक नहीं बचा। देवेंद्र अपनी बहन की शादी के लिए धीमे धीमे सामान जुटा रहा था। करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हो गया। मजदूरी कर जुटाया गया सामान जल जाने के बाद देवेंद्र बर्बाद हो गया है। उस पर एक और मार पड़ गई है। उसके पिता हरी सिंह (58) गंगा पार गांव धरमपुर में रहते थे। उन्हें बेटे की बर्बादी की खबर मिली तो वह सदमे में आ गए। गांव महरी में पहुंचने के लिए वह घर से निकल पड़े। जैसे ही घर के दरवाजे से बाहर निकले उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह सड़क पर गिर गए। सदमे में आए पिता की मौत हो गई। जब यह खबर उस तक पहुंची तो वह टूट गया। उसका कहना है कि पिता उसे बहुत सहारा देते थे, लेकिन उनका यह सहारा छूट गया।
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