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तिब्बती मास्टिफ डॉग के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:41 PM IST
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तिब्बती मास्टिफ डॉग के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
तिब्बती मास्टिफ डॉग का पेयर बेचने के नाम पर कानपुर के डॉग कैनल संचालक ने एक स्थानीय डॉग कैनल संचालक से लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
धोखाधड़ी का शिकार यहां के डाक्टर शिवम सक्सेना निवासी नगरिया हुए हैं। बताया गया कि अप्रैल 2014 में तिब्बती मास्टिफ डॉग का पेयर खरीदने के लिए डॉग कैनल संचालक रूपेश कुमार पुत्र रूदेश सिंह निवासी उजियारी पूरवा नई बस्ती थाना नवाबगंज जिला कानपुर को साढ़े दस लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया गया, लेकिन आरोपी ने विदेश से तिब्बती मास्टिफ डॉग लाकर नहीं दिया। पीड़ित डाक्टर शिवम लगातार रूपेश और उसके पार्टनर राकेश से कुत्ते की डिलीवरी की मांग करते रहे। इसी बीच पीड़ित की बेटी की नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े दस लाख रुपये विश्वास में लेकर फिर ले लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। जबकि नटवरलालों ने वन विभाग में नौकरी के फर्जी दस्तावेज बनवा दिए।इस मामले में थाना सोरों में 15 माह पूर्व धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस धोखाधड़ी के आरोपी रूपेश की काफी दिनों से तलाश कर रही थी, लेकिन वह नहीं मिला। कोतवाली पुलिस के निरीक्षक रिपुदमन सिंह ने पुलिस टीम के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया और जेल भेजा है। एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी को जेल भेजा गया है।
कैसा होता है तिब्बती मास्टिफ डॉग
कासगंज। यह दुर्लभ प्रजाति का डॉग है। तिब्बती मास्टिफ डॉग तिब्बत, चीन, मंगोलिया और हिमालय के इलाके में पाया जाता है। यह मालिक के प्रति बेहद वफादार होता है। यह बाघ, भालू, तेंदुआ की तरह बड़े मस्तिष्क का होता है जो काफी भयाभय नजर आता है।
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तिब्बती मास्टिफ डॉग का पेयर बेचने के नाम पर कानपुर के डॉग कैनल संचालक ने एक स्थानीय डॉग कैनल संचालक से लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
धोखाधड़ी का शिकार यहां के डाक्टर शिवम सक्सेना निवासी नगरिया हुए हैं। बताया गया कि अप्रैल 2014 में तिब्बती मास्टिफ डॉग का पेयर खरीदने के लिए डॉग कैनल संचालक रूपेश कुमार पुत्र रूदेश सिंह निवासी उजियारी पूरवा नई बस्ती थाना नवाबगंज जिला कानपुर को साढ़े दस लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया गया, लेकिन आरोपी ने विदेश से तिब्बती मास्टिफ डॉग लाकर नहीं दिया। पीड़ित डाक्टर शिवम लगातार रूपेश और उसके पार्टनर राकेश से कुत्ते की डिलीवरी की मांग करते रहे। इसी बीच पीड़ित की बेटी की नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े दस लाख रुपये विश्वास में लेकर फिर ले लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। जबकि नटवरलालों ने वन विभाग में नौकरी के फर्जी दस्तावेज बनवा दिए।इस मामले में थाना सोरों में 15 माह पूर्व धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस धोखाधड़ी के आरोपी रूपेश की काफी दिनों से तलाश कर रही थी, लेकिन वह नहीं मिला। कोतवाली पुलिस के निरीक्षक रिपुदमन सिंह ने पुलिस टीम के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया और जेल भेजा है। एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी को जेल भेजा गया है।
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कैसा होता है तिब्बती मास्टिफ डॉग
कासगंज। यह दुर्लभ प्रजाति का डॉग है। तिब्बती मास्टिफ डॉग तिब्बत, चीन, मंगोलिया और हिमालय के इलाके में पाया जाता है। यह मालिक के प्रति बेहद वफादार होता है। यह बाघ, भालू, तेंदुआ की तरह बड़े मस्तिष्क का होता है जो काफी भयाभय नजर आता है।
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