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खाली रह गईं वेटरनेरी डिप्लोमा कार्सेज की अधिकांश सीटें
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:58 PM IST
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मथुरा। उत्तर प्रदेश वेटरनेरी विश्वविद्यालय के डिप्लोमा कोर्सेज में भी सीटें खाली रह गई हैं। दो डिप्लोमा प्रोग्राम की 120 सीटों पर मात्र 45 एडमिशन ही हुए हैं। यही स्थिति कालेज ऑफ बायोटेक के बीएससी प्रोग्राम की भी है।
वेटरनेरी विश्वविद्यालय अंतर्गत संचालित डिप्लोमा इन वेटरनेरी फार्मेसी और डिप्लोमा इन लाइव स्टॉक एक्सटेंशन के लिए 60-60 सीटें निर्धारित हैं। दोनों ही डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए विवि की प्रवेश परीक्षा में इस बार सिर्फ 59 छात्र ही पास हुए थे।
काउंसलिंग दौरान सिर्फ 45 ने ही एडमिशन लिया है। इसमें 27 छात्र-छात्राओं ने डिप्लोमा इन वेटरनेरी फार्मेसी और 18 छात्र-छात्राओं ने डिप्लोमा इन लाइव स्टॉक एक्सटेंशन में एडमिशन लिया है। इस स्थिति में इन दोनों ही डिप्लोमा प्रोग्राम के अंतर्गत बाकी सीटें रिक्त रह गई हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त डिप्लोमा धारकों के लिए पशुपालन विभाग के नियुक्ति एक्ट में संशोधन न किए जाने के कारण छात्रों का रुझान इन डिप्लोमा प्रोग्राम से कम हो गया है। हालांकि फरवरी माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें संशोधन की घोषणा भी की थी, लेकिन अमल अब तक नहीं हो सका है।
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वेटरनेरी विश्वविद्यालय अंतर्गत संचालित डिप्लोमा इन वेटरनेरी फार्मेसी और डिप्लोमा इन लाइव स्टॉक एक्सटेंशन के लिए 60-60 सीटें निर्धारित हैं। दोनों ही डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए विवि की प्रवेश परीक्षा में इस बार सिर्फ 59 छात्र ही पास हुए थे।
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काउंसलिंग दौरान सिर्फ 45 ने ही एडमिशन लिया है। इसमें 27 छात्र-छात्राओं ने डिप्लोमा इन वेटरनेरी फार्मेसी और 18 छात्र-छात्राओं ने डिप्लोमा इन लाइव स्टॉक एक्सटेंशन में एडमिशन लिया है। इस स्थिति में इन दोनों ही डिप्लोमा प्रोग्राम के अंतर्गत बाकी सीटें रिक्त रह गई हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त डिप्लोमा धारकों के लिए पशुपालन विभाग के नियुक्ति एक्ट में संशोधन न किए जाने के कारण छात्रों का रुझान इन डिप्लोमा प्रोग्राम से कम हो गया है। हालांकि फरवरी माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें संशोधन की घोषणा भी की थी, लेकिन अमल अब तक नहीं हो सका है।