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जिले में पॉलिथीन पर दूसरे दिन भी नहीं लग पाई पूर्ण पाबंदी
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:40 PM IST
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मैनपुरी। पॉलिथीन पर पाबंदी को लेकर दूसरे दिन भी मिला-जुला असर रहा। एक तरफ जहां दुकानदारों में कार्रवाई का भय देखा गया, वहीं दूसरी तरफ चोरी छिपे जमकर पॉलिथीन का प्रयोग किया गया।
नगर में कई स्थानों पर लोगों को पॉलिथीन में खाद्य सामग्री और अन्य सामान ले जाते हुए देखा गया। शासन ने 15 जुलाई से पॉलिथीन पर पाबंदी कर दी है, लेकिन इसके बाद भी नगर के दुकानदार इसका प्रयोग कर रहे हैं।
एक तरफ जहां दुकानदारों में जिला प्रशासन की कार्रवाई का भय है, वहीं दूसरी तरफ पॉलिथीन का प्रयोग करने से भी नहीं रुक रहे हैं। सोमवार को परचूनी की दुकान, ठेले वाले, सब्जी वाले आदि पॉलिथीन का प्रयोग करते देखे गए, लेकिन उनके अंदर भी भय दिखाई दे रहा है।
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नगर में अभी तक जिला प्रशासन व नगर पालिका द्वारा पॉलिथीन की रोकथाम के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। इसका कारण है कि लोग हालात पहले जैसे समझ रहे हैं।
पहले भी पॉलिथीन को बंद करने के लिए अभियान चला था, लेकिन कुछ समय की रोक के बाद फिर से पॉलिथीन का प्रयोग जमकर होने लगा।
नगर में पॉलिथीन की सप्लाई थोक विक्रेता कर रहे हैं। उनके गोदामों में कपड़ों के थैलों के पीछे पॉलिथीन भरी हुई है। जो दुकानदारों की मांग पर सप्लाई की जा रही है।
पॉलिथीन के लिए जनपद में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन को थोक विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई करनी चाहिए।
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यदि पॉलिथीन पर पूर्ण पाबंदी लगानी है तो पहले पॉलिथीन निर्माण करने वाली सभी फैक्ट्रियों को बंद किया जाए। जब दुकानदारों के पास पॉलिथीन आएगी ही नहीं तो वह उसका प्रयोग कहां से कर लेंगे। -अमित कुमार, घिरोर
पॉलिथीन पर्यावरण और मनुष्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। मानव जीवन के लिए खतरा बन रही पॉलिथीन के प्रयोग के लिए न केवल जिला प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी आगे आना चाहिए। -मानवेेंद्र सिंह, एडवोकेट
पॉलिथीन के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। पॉलिथीन पर पाबंदी सरकार की बेहतर कार्यप्रणाली है। सरकार की मंशा को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन को सख्ती दिखानी होगी। -डॉ. दिनेश बाबू मिश्रा
पॉलिथीन मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा है। इससे पर्यावरण में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। न केवल जिला प्रशासन को बल्कि सभी समझदार लोगों को पॉलिथीन की पाबंदी के लिए प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करना चाहिए। -डॉ. अनुज यादव
कुरावली। सोमवार को एसडीएम शिवप्रसाद के निर्देशन में सीओ सुरेश बाबू, इंस्पेक्टर लालता प्रसाद ने पुलिसकर्मियों के साथ नगर के सदर बाजार, लक्ष्मणगंज, जनरल स्टोर पर पहुंचकर छापामार कार्रवाई की।
एसडीएम ने दुकानदारों द्वारा प्रयोग किए जा रहे थैलों की जांच की और पॉलिथीन से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को अवगत कराते हुए पॉलिथीन का प्रयोग न करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि दुकानदार शासनादेश का पालन करें। वहीं ग्राहकों को भी घर से थैला लेकर चलने के निर्देश दिए। एसडीएम ने ठेले, फड़ वालों को भी पॉलिथीन का प्रयोग न करने की चेतावनी दी।
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नगर में कई स्थानों पर लोगों को पॉलिथीन में खाद्य सामग्री और अन्य सामान ले जाते हुए देखा गया। शासन ने 15 जुलाई से पॉलिथीन पर पाबंदी कर दी है, लेकिन इसके बाद भी नगर के दुकानदार इसका प्रयोग कर रहे हैं।
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एक तरफ जहां दुकानदारों में जिला प्रशासन की कार्रवाई का भय है, वहीं दूसरी तरफ पॉलिथीन का प्रयोग करने से भी नहीं रुक रहे हैं। सोमवार को परचूनी की दुकान, ठेले वाले, सब्जी वाले आदि पॉलिथीन का प्रयोग करते देखे गए, लेकिन उनके अंदर भी भय दिखाई दे रहा है।
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नगर में अभी तक जिला प्रशासन व नगर पालिका द्वारा पॉलिथीन की रोकथाम के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। इसका कारण है कि लोग हालात पहले जैसे समझ रहे हैं।
पहले भी पॉलिथीन को बंद करने के लिए अभियान चला था, लेकिन कुछ समय की रोक के बाद फिर से पॉलिथीन का प्रयोग जमकर होने लगा।
नगर में पॉलिथीन की सप्लाई थोक विक्रेता कर रहे हैं। उनके गोदामों में कपड़ों के थैलों के पीछे पॉलिथीन भरी हुई है। जो दुकानदारों की मांग पर सप्लाई की जा रही है।
पॉलिथीन के लिए जनपद में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन को थोक विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई करनी चाहिए।
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यदि पॉलिथीन पर पूर्ण पाबंदी लगानी है तो पहले पॉलिथीन निर्माण करने वाली सभी फैक्ट्रियों को बंद किया जाए। जब दुकानदारों के पास पॉलिथीन आएगी ही नहीं तो वह उसका प्रयोग कहां से कर लेंगे। -अमित कुमार, घिरोर
पॉलिथीन पर्यावरण और मनुष्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। मानव जीवन के लिए खतरा बन रही पॉलिथीन के प्रयोग के लिए न केवल जिला प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी आगे आना चाहिए। -मानवेेंद्र सिंह, एडवोकेट
पॉलिथीन के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। पॉलिथीन पर पाबंदी सरकार की बेहतर कार्यप्रणाली है। सरकार की मंशा को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन को सख्ती दिखानी होगी। -डॉ. दिनेश बाबू मिश्रा
पॉलिथीन मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा है। इससे पर्यावरण में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। न केवल जिला प्रशासन को बल्कि सभी समझदार लोगों को पॉलिथीन की पाबंदी के लिए प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करना चाहिए। -डॉ. अनुज यादव
कुरावली। सोमवार को एसडीएम शिवप्रसाद के निर्देशन में सीओ सुरेश बाबू, इंस्पेक्टर लालता प्रसाद ने पुलिसकर्मियों के साथ नगर के सदर बाजार, लक्ष्मणगंज, जनरल स्टोर पर पहुंचकर छापामार कार्रवाई की।
एसडीएम ने दुकानदारों द्वारा प्रयोग किए जा रहे थैलों की जांच की और पॉलिथीन से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को अवगत कराते हुए पॉलिथीन का प्रयोग न करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि दुकानदार शासनादेश का पालन करें। वहीं ग्राहकों को भी घर से थैला लेकर चलने के निर्देश दिए। एसडीएम ने ठेले, फड़ वालों को भी पॉलिथीन का प्रयोग न करने की चेतावनी दी।