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फसल खराब होने से दुखी किसान ने लगाई फांसी
Updated Tue, 17 Apr 2018 08:19 PM IST
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किसान ने फांसी लगाई
- फोटो : डैमो
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कोसीकलां (मथुरा)। बीस बीघा गेहूं की फसल चौपट होने से दुखी किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव घर के पास नीम के पेड़ पर लटकता मिला। परिवार वालों का कहना है कि उस पर काफी कर्ज भी था। गेहूं बेचकर कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा था लेकिन फसल ही बर्बाद हो गई।
गांव लालपुर निवासी धनीराम (30) पुत्र लालचंद किसान था। धनीराम ने इस बार 20 बीघा जमीन में गेहूं बोया था। इस बार फसल भी अच्छी थी। धनीराम फसल को देखकर खुश होता और परिवार वालों से कहता था कि गेहूं को बेचकर कर्ज चुकता कर देगा। लेकिन पिछले दिनों तेज बरसात और ओलावृष्टि ने धनीराम का गेहूं चौपट कर दिया। फसल खेत में ही बिछ गई थी।
फसल तबाह होने के बाद से धनीराम परेशान और तनाव में रहने लगा। उसने लोगों से बातचीत भी कम कर दी थी। सोमवार की शाम को जब मौसम फिर से बिगड़ा तो धनीराम खेत पर पड़े भूसे को लेने के लिए चला गया। लेकिन फिर घर नहीं लौटा। परिवार वालों ने पूरा गांव छान मारा मगर वह कहीं नहीं मिला।
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सुबह पता चला कि धनीराम का शव खेत पर नीम के पेड़ पर लटक रहा है। कुछ ही देर गांव में लोग यहां पहुंच गए। धनीराम के साले सतीश सिंह ने बताया कि धनीराम गेहूं की फसल खराब होने से वह दुखी रहते थे।
कर्ज भी हो गया था। रिश्तेदार भरतलाल ने बताया कि धनीराम के परिवार में पत्नी के अलावा दस साल की बेटी और आठ साल का बेटा है। फ सल खराब होने से उसे कर्ज चुकाने एवं साल भर तक खर्चे की चिंता होने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंच गई और शव को पेड़ से उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गांव लालपुर निवासी धनीराम (30) पुत्र लालचंद किसान था। धनीराम ने इस बार 20 बीघा जमीन में गेहूं बोया था। इस बार फसल भी अच्छी थी। धनीराम फसल को देखकर खुश होता और परिवार वालों से कहता था कि गेहूं को बेचकर कर्ज चुकता कर देगा। लेकिन पिछले दिनों तेज बरसात और ओलावृष्टि ने धनीराम का गेहूं चौपट कर दिया। फसल खेत में ही बिछ गई थी।
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फसल तबाह होने के बाद से धनीराम परेशान और तनाव में रहने लगा। उसने लोगों से बातचीत भी कम कर दी थी। सोमवार की शाम को जब मौसम फिर से बिगड़ा तो धनीराम खेत पर पड़े भूसे को लेने के लिए चला गया। लेकिन फिर घर नहीं लौटा। परिवार वालों ने पूरा गांव छान मारा मगर वह कहीं नहीं मिला।
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सुबह पता चला कि धनीराम का शव खेत पर नीम के पेड़ पर लटक रहा है। कुछ ही देर गांव में लोग यहां पहुंच गए। धनीराम के साले सतीश सिंह ने बताया कि धनीराम गेहूं की फसल खराब होने से वह दुखी रहते थे।
कर्ज भी हो गया था। रिश्तेदार भरतलाल ने बताया कि धनीराम के परिवार में पत्नी के अलावा दस साल की बेटी और आठ साल का बेटा है। फ सल खराब होने से उसे कर्ज चुकाने एवं साल भर तक खर्चे की चिंता होने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंच गई और शव को पेड़ से उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।