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नकल रोकने पर पूरी ताकत लगाएं
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:39 PM IST
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फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक पंडित मुरारीलाल इंटर कालेज में हुई। डीएम नेहा शर्मा ने केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिट्रेट को लेकर निर्देश दिए। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि पूरी ताकत नकल को रोकने में लगाएं। जिला आपके प्रशासन साथ है।
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि चुनाव के बाद दूसरा सबसे बड़ा काम बोर्ड परीक्षा कराना है। नकल हुई तो जिम्मेदार केंद्र व्यवस्थापक होंगे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट से कहा कि जिस काम के लिए उन्हें तैनात किया गया है, उसका पालन कराएं। डीआईओएस रितु गोयल ने कहा कि जो नकलची अनुचित साधन के साथ पकडे़ जाते हैं, उनकी सूचना संकलन केंद्र पर जरुर दें। उनकी कॉपी क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ उसी दिन भेजी जानी है।
पाल्य का ध्यान रखें। जाए। किसी चपरासी, कक्ष निरीक्षक या लिपिक की ड्यूटी के पाल्य की ड्यूटी होती है तो उसे केंद्र में प्रवेश न दें। लिखित में प्रमाण पत्र लें कि उनका कोई पाल्य परीक्षा नहीं दे रहा। एसपी देहात महेंद्र सिंह ने कहा कि पहले 188 परीक्षा केंद्र बनते थे, इस बार 115 केंद्र हैं। प्रशासन केंद्रों पर निगरानी रखेगा।
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संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाएंगे। पुलिस अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। संचालन चंद्रकांत शर्मा ने किया। कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गान एवं सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। बीएसए सचिदानंद यादव, डायट प्राचार्य नंदलाल यादव, केके यादव, मनोज गर्ग, रवि गर्ग, रामपाल, अजय सिंह मौजूद रहे।
कई वर्षों से हिंदी एवं अंग्रेजी की परीक्षा एक ही पाली में होती आई है। मगर इस बार शासन ने विज्ञान एवं कामर्स, कला वर्ग के छात्रों की हिंदी विषय की परीक्षा अलग-अलग कर दी है। डीआईओएस ने निर्देश दिए कि प्रवेश पत्र सिर्फ छात्रों को ही दें। उन्हें समझाएं कि उनकी परीक्षा कब है। ताकि कोई छात्र कंफ्यूजन के चक्कर में परीक्षा देने से वंचित न रह जाए।
अगर छात्र के प्रवेश पत्र में गलती से अगर कोई और विषय अंकित होकर आ जाता है। छात्र को उसी विषय की परीक्षा देनी होगी। बैठक में शिक्षकों ने इस संबंध में सवाल पूछे तो डीआईओएस ने कहा कि प्रवेश पत्र के अनुसार ही परीक्षा कराई जाए। गलती है तो स्कूल संचालक बोर्ड से ही संसोधन करा कर लाए। इस बार प्रधानाचार्य द्वारा प्रवेश पत्र में संसोधन पर रोक लगा दी गई है।
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डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि चुनाव के बाद दूसरा सबसे बड़ा काम बोर्ड परीक्षा कराना है। नकल हुई तो जिम्मेदार केंद्र व्यवस्थापक होंगे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट से कहा कि जिस काम के लिए उन्हें तैनात किया गया है, उसका पालन कराएं। डीआईओएस रितु गोयल ने कहा कि जो नकलची अनुचित साधन के साथ पकडे़ जाते हैं, उनकी सूचना संकलन केंद्र पर जरुर दें। उनकी कॉपी क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ उसी दिन भेजी जानी है।
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पाल्य का ध्यान रखें। जाए। किसी चपरासी, कक्ष निरीक्षक या लिपिक की ड्यूटी के पाल्य की ड्यूटी होती है तो उसे केंद्र में प्रवेश न दें। लिखित में प्रमाण पत्र लें कि उनका कोई पाल्य परीक्षा नहीं दे रहा। एसपी देहात महेंद्र सिंह ने कहा कि पहले 188 परीक्षा केंद्र बनते थे, इस बार 115 केंद्र हैं। प्रशासन केंद्रों पर निगरानी रखेगा।
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संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाएंगे। पुलिस अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। संचालन चंद्रकांत शर्मा ने किया। कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गान एवं सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। बीएसए सचिदानंद यादव, डायट प्राचार्य नंदलाल यादव, केके यादव, मनोज गर्ग, रवि गर्ग, रामपाल, अजय सिंह मौजूद रहे।
कई वर्षों से हिंदी एवं अंग्रेजी की परीक्षा एक ही पाली में होती आई है। मगर इस बार शासन ने विज्ञान एवं कामर्स, कला वर्ग के छात्रों की हिंदी विषय की परीक्षा अलग-अलग कर दी है। डीआईओएस ने निर्देश दिए कि प्रवेश पत्र सिर्फ छात्रों को ही दें। उन्हें समझाएं कि उनकी परीक्षा कब है। ताकि कोई छात्र कंफ्यूजन के चक्कर में परीक्षा देने से वंचित न रह जाए।
अगर छात्र के प्रवेश पत्र में गलती से अगर कोई और विषय अंकित होकर आ जाता है। छात्र को उसी विषय की परीक्षा देनी होगी। बैठक में शिक्षकों ने इस संबंध में सवाल पूछे तो डीआईओएस ने कहा कि प्रवेश पत्र के अनुसार ही परीक्षा कराई जाए। गलती है तो स्कूल संचालक बोर्ड से ही संसोधन करा कर लाए। इस बार प्रधानाचार्य द्वारा प्रवेश पत्र में संसोधन पर रोक लगा दी गई है।