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पुलिस सजग होती तो बच सकती थी बाबा-नाती की जान

Sun, 17 Dec 2017 11:46 PM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:46 PM IST
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पुलिस सजग होती तो बच सकती थी बाबा-नाती की जान
knife - फोटो : अमर उजाला
एटा। पिता और बेटे की तलाश कराने के लिए पीड़ित नेत्रपाल ने पुलिस को अपना कटरा बेचकर दो हजार रुपये की सुविधा शुल्क दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने बाबा नाती अपहरण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते हत्यारोपियों ने उनकी हत्या कर शव को पुआल में दबा दिया गया।
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जहां एक तरफ अधिकारी थाना पुलिस को रिश्वत न लेने और पीड़ितों के साथ नम्र व्यवहार रखने का पाठ पढ़ाती है। वहीं दूसरी ओर थाना पुलिस इसका ठीक उल्टा करके पुलिस वर्दी पर बदनामी के धब्बे लगा रही है। थाना जैथरा में बाबा नाती के लापता होने के मामले में पुलिस ने पीड़ित नेत्रपाल से सुविधा शुल्क की मांग करते हुए जांच करने के लिए कहा था।
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पीड़ित नेत्रपाल ने बताया कि उसने अपने पिता शंकरलाल और बेटा चमन प्रकाश की तलाश के लिए जैथरा पुलिस को कटरा बेचकर दो हजार रुपये सुविधा शुल्क दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने उनकी तलाश करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं उसने बताया कि पुलिस ने उससे पिता और बेटे के लापता होने के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं की।
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ऐसे में उसने बताया कि यदि पुलिस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए जांच करती तो शायद उसके पिता और बेटे की जान बच सकती थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई थी।

बाबा नाती की हुई हत्या के पीछे लोग जमीनी कारण बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि जमीन के लालच में अपनों ने ही दोनाें की हत्या की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है।

मृतक के थे दो बेटे
जैथरा। मृतक शंकरलाल के नेत्रपाल और गिरीश दो बेटे थे। जिनमें से गिरीश की काफी दिन पहले मौत हो चुकी है। जिसका एक बेटा है। बताया गया कि गिरीश की मौत के बाद उसकी पत्नी ने रोरी और ढर्रा निवासी दो अन्य लोगों के साथ शादी कर ली है। जिससे उसकी सात संतान हैं।

एसएसपी को देख बिलख पड़ी महिला
एटा। बाबा नाती की गई एक साथ हत्या के बाद लोगों में गमगीन माहौल बन गया था। एसएसपी अखिलेश चौरसिया के पहुंचते ही मृतक के घर की महिला एसएसपी को पकड़ कर फपक-फपक कर रोने लगी। उसने रोते हुए बताया कि पुलिस की सक्रियता होती तो शायद उसके घर में दो लोगों की हत्या नहीं होती।

दुष्कर्म के बाद हत्या की जता रहे आशंका

गांव अम्बरपुर निवासी गोपीचंद की चार वर्षीय बालिका ज्योति शनिवार सुबह 11 बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। जिसकी परिजनों ने काफी तलाश की थी। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा था। इसके बाद रविवार सुबह को लोगों ने उसका शव खेत में निर्वस्त्र हालत में पड़ा मिला। बालिका की हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।


बालिका के निर्वस्त्र हालत में मिलने को लेकर लोग दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जता रहे है। पुलिस बालिका की गला दबाकर हत्या किए जाने की बात कह रही है। इसके साथ ही कुछ लोग टोटका को लेकर तांत्रिक से कराई गई हत्या की आशंका जता रहे है। बताते चले कि गोपीचन्द्र के दो बेटी और एक बेटा है। जिसमें ज्योति दूसरे नम्बर की बेटी थी। खेलते खेलते गायव हुई बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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