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सांस के मरीजों के लिए सर्दी बनी मुसीबत
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:49 PM IST
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जनपद में वायरल व डेंगू के बाद अब सर्दी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सर्दी सांस के मरीजों के लिए आफत बनकर आई है। रविवार को जिला अस्पताल में सांस से पीड़ित 11 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। इनमें से तीन मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
जनपद में पिछले पांच दिनों से बदले मौसम के बाद सांस के मरीजों की आफत बन आई है। सांस से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तीन दिन में 45 मरीज सांस से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
रविवार को ओपीडी के अवकाश के बाद भी जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां 11 मरीजों को सांस से पीड़ित होने पर गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। रामकली देवी, परशुराम व मोहम्मद रिजवान को गंभीर हालत देखते हुए सांस से पीड़ित होने पर मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि सर्दी के तीन माह सांस के मरीजों के लिए वेहद खतरनाक हैं। इस समय में इन मरीजों को सावधानी बरतनी होगी। सांस के मरीज कोहरे में घर से बाहर न निकलें। धूल भरे वातावरण से बचाव रखें। सोते समय कमरे को पूरी तरह से बंद न करें खिड़कियों को खुला रखें।
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जनपद में पिछले पांच दिनों से बदले मौसम के बाद सांस के मरीजों की आफत बन आई है। सांस से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तीन दिन में 45 मरीज सांस से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
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रविवार को ओपीडी के अवकाश के बाद भी जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां 11 मरीजों को सांस से पीड़ित होने पर गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। रामकली देवी, परशुराम व मोहम्मद रिजवान को गंभीर हालत देखते हुए सांस से पीड़ित होने पर मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि सर्दी के तीन माह सांस के मरीजों के लिए वेहद खतरनाक हैं। इस समय में इन मरीजों को सावधानी बरतनी होगी। सांस के मरीज कोहरे में घर से बाहर न निकलें। धूल भरे वातावरण से बचाव रखें। सोते समय कमरे को पूरी तरह से बंद न करें खिड़कियों को खुला रखें।