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बुखार का प्रकोप तेज, गुरुवार को भी अस्पताल में रही भीड़
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:26 PM IST
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बुखार पीड़ित
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जिले में बुखार और डेंगू के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों की भीड़ दिखी। इस अस्पताल में एक सप्ताह में 314 मरीज वायरल से पीड़ित पाए गए हैं। वहीं, अस्पताल में बेड की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में दर्ज आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो पता चलता है कि पिछले सात दिनों में अस्पताल में 633 मरीजों ने जांच कराई। इनमें से 321 मरीज बुखार से पीड़ित थे। इनमें सात मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिले, जबकि 314 मरीज वायरल फीवर से पीड़ित निकले। वायरल को लेकर स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम भी फेल होते नजर आ रहे हैं। जिला अस्पताल में पिछले कई दिनों से बेड फुल हैं। कार्डियोलॉजी विभाग में अलग से मरीजों के लिए बेड डलवाए गए हैं।
जिला अस्पताल में गुरुवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल में 1397 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसमें वायरल, मलेरिया, डायरिया, पेटदर्द, सांस तथ त्चचा रोग आदि के मरीजों की संख्या अधिक थी।
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जिला अस्पताल में गुरुवार को 37 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें 11 मरीज वायरल से पीड़ित थे, सात मरीज सांस, 10 मरीज डायरिया तथा नौ मरीज सीओपीडी में भर्ती हुए।
जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल के साथ ही डायरिया के मरीज भी बढ़े है। लेकिन अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयां नहीं हैं। विभाग के जो प्रयास किए जो रहे हैं वो पर्याप्त नहीं हैं।
अस्पताल में आरएल, टिटनेस तथा दर्द निवारक दवाइयां व इंजेक्शन नहीं है। रैवीज के लिए तो काफी समय से दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। मामले में जिलाधिकारी ने दवाइयों की व्यवस्था का आश्वासन दिया है।
सीएमएस डॉ आरके सागर ने बताया कि अस्पताल में जो साधन उपलब्ध हैं उनसे हर संभव बेहतर उपचार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। दवाइयों के लिए विभाग तथा शासन को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। जनपद स्तर पर जो बजट उपलब्ध है उससे जितनी दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकती हैं कराई जा रही हैं।
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में दर्ज आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो पता चलता है कि पिछले सात दिनों में अस्पताल में 633 मरीजों ने जांच कराई। इनमें से 321 मरीज बुखार से पीड़ित थे। इनमें सात मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिले, जबकि 314 मरीज वायरल फीवर से पीड़ित निकले। वायरल को लेकर स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम भी फेल होते नजर आ रहे हैं। जिला अस्पताल में पिछले कई दिनों से बेड फुल हैं। कार्डियोलॉजी विभाग में अलग से मरीजों के लिए बेड डलवाए गए हैं।
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जिला अस्पताल में गुरुवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल में 1397 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसमें वायरल, मलेरिया, डायरिया, पेटदर्द, सांस तथ त्चचा रोग आदि के मरीजों की संख्या अधिक थी।
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जिला अस्पताल में गुरुवार को 37 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें 11 मरीज वायरल से पीड़ित थे, सात मरीज सांस, 10 मरीज डायरिया तथा नौ मरीज सीओपीडी में भर्ती हुए।
जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल के साथ ही डायरिया के मरीज भी बढ़े है। लेकिन अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयां नहीं हैं। विभाग के जो प्रयास किए जो रहे हैं वो पर्याप्त नहीं हैं।
अस्पताल में आरएल, टिटनेस तथा दर्द निवारक दवाइयां व इंजेक्शन नहीं है। रैवीज के लिए तो काफी समय से दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। मामले में जिलाधिकारी ने दवाइयों की व्यवस्था का आश्वासन दिया है।
सीएमएस डॉ आरके सागर ने बताया कि अस्पताल में जो साधन उपलब्ध हैं उनसे हर संभव बेहतर उपचार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। दवाइयों के लिए विभाग तथा शासन को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। जनपद स्तर पर जो बजट उपलब्ध है उससे जितनी दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकती हैं कराई जा रही हैं।