{"_id":"59c8014b4f1c1be7478b4af3","slug":"51506279755-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू का भाव कम मिलने से सदमे मे किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू का भाव कम मिलने से सदमे मे किसान की मौत
Updated Mon, 25 Sep 2017 07:39 AM IST
विज्ञापन
आलू
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। कोल्ड स्टोर में 65-67 प्रतिशत करीब नौ लाख टन से अधिक आलू डंप है। किसानों को भाव नहीं मिल पा रहे हैं। चक्कर लगाते हैं लेकिन व्यापारी से कोल्ड के भाड़ा तक ही नहीं मिलने के कारण मायूस होकर बैरंग लौट रहे हैं।
जिले में 65 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की फसल बोई जाती है। जिले में आलू की बंपर पैदावार का परिणाम है करीब कोल्ड स्टोरेजों की संख्या बढ़कर 158 हो गई। 14 लाख मैट्रिक टन आलू इनमें भंडारित किया था।
लेकिन अभी तक साढ़े चार से पांच लाख मैट्रिक टन आलू की निकासी हो सकी। बड़े किसान तो दिल्ली, मुंबई, सूरत के साथ मध्य प्रदेश के साथ लखनऊ तक की मंडियों में दौड़ लगा रहे है लेकिन भाव नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
आलू बोने ही वाले किसान परेशान हैं। किसी की शादी अटक गई तो कोई दोबारा से फसल बोने के लिए पैसा तक नहीं है। आलू उत्पादन करने वाले किसानों की मानें तो जिले में 25 प्रतिशत तक आलू फिंकना तय है।
विज्ञापन
जिले में 65 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की फसल बोई जाती है। जिले में आलू की बंपर पैदावार का परिणाम है करीब कोल्ड स्टोरेजों की संख्या बढ़कर 158 हो गई। 14 लाख मैट्रिक टन आलू इनमें भंडारित किया था।
विज्ञापन
लेकिन अभी तक साढ़े चार से पांच लाख मैट्रिक टन आलू की निकासी हो सकी। बड़े किसान तो दिल्ली, मुंबई, सूरत के साथ मध्य प्रदेश के साथ लखनऊ तक की मंडियों में दौड़ लगा रहे है लेकिन भाव नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
आलू बोने ही वाले किसान परेशान हैं। किसी की शादी अटक गई तो कोई दोबारा से फसल बोने के लिए पैसा तक नहीं है। आलू उत्पादन करने वाले किसानों की मानें तो जिले में 25 प्रतिशत तक आलू फिंकना तय है।