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स्वर्ण रजत रथ पर विराजे ठाकुर बांके बिहारीलाल
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:07 AM IST
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बांकेबिहारी का रथ
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन। रथ यात्रा महोत्सव पर रविवार की शाम जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज ने भव्य फूल बंगले के बीच सजे स्वर्ण रजत रथ पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए।
अपने आराध्य के वर्ष में केवल एक बार रथ पर विराजे दर्शन पाकर उनके भक्तों की खुशी का ठिकाना न रहा। मंदिर में आ रही फूलों की सुगंध और रंग बिरंगी रोशनी ने मंदिर की आभा को और भी सुंदर बना दिया।
मंदिर के सेवायत ब्रजेंद्र किशोर गोस्वामी और ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने बताया कि चांदी और सोने से निर्मित इस भव्य रथ में चार घोटे और एक बग्गी है। बग्गी पर सवार होकर ही ठाकुर बांकेबिहारी महाराज भक्तों को दर्शन देते हैं।
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यह भव्य रथ उनके चंद्र आनंद निकुंज बिहारी चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा हर वर्ष रथयात्रा महोत्सव के दिन मंदिर में ठाकुरजी के दर्शनों के लिए सजाया जाता है। दर्शन देने से पूर्व कई श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रथ की पूजा अर्चना भी की।
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अपने आराध्य के वर्ष में केवल एक बार रथ पर विराजे दर्शन पाकर उनके भक्तों की खुशी का ठिकाना न रहा। मंदिर में आ रही फूलों की सुगंध और रंग बिरंगी रोशनी ने मंदिर की आभा को और भी सुंदर बना दिया।
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मंदिर के सेवायत ब्रजेंद्र किशोर गोस्वामी और ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने बताया कि चांदी और सोने से निर्मित इस भव्य रथ में चार घोटे और एक बग्गी है। बग्गी पर सवार होकर ही ठाकुर बांकेबिहारी महाराज भक्तों को दर्शन देते हैं।
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यह भव्य रथ उनके चंद्र आनंद निकुंज बिहारी चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा हर वर्ष रथयात्रा महोत्सव के दिन मंदिर में ठाकुरजी के दर्शनों के लिए सजाया जाता है। दर्शन देने से पूर्व कई श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रथ की पूजा अर्चना भी की।