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Agra News: मांगलिक कार्यों पर आज से लग रहा 50 दिन का ग्रहण
Tue, 14 Mar 2023 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:31 PM IST
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कासगंज। मांगलिक कार्यो पर बुधवार से 50 दिन का ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन से एक माह के लिए खरमास शुरू हो जाएगा। इसी बीच एक अप्रैल से देव गुरू बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। जो तीन मई तक अस्त रहेंगे।
होलाष्टक के बाद 8 मार्च से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हुआ था, एक सप्ताह के लिए ही मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सका। अब बुधवार से खरमास का आरंभ हो जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। खरमास के समाप्त होने से पहले ही गुरुदेव बृहस्पति भी 32 दिन के लिए अस्त हो जाएंगे। जो 3 मई तक अस्त रहेंगे।
खरमास एवं देव गुरू अस्त हो जाने का असर मांगलिक कार्यों पर पड़ेगा। 3 मई तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं हो सकेगा। 4 मई से ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। दो माह तक मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन का मौका मिलेगा। जुलाई से चतुर्मास शुरू हो जाएंगे। जिससे फिर से चार माह के लिए मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। 22 नवंबर के बाद ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, नामकरण, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का आरंभ, वधू प्रवेश, सगाई, विवाह आदि कोई भी कार्य खरमास एवं देव गुरू के अस्त रहने तक नहीं हो सकेगे।
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खरमास 15 अप्रैल को शुुरू हो जाएंगा। जो 14 अप्रैल तक रहेगा। इस बीच 1 अप्रैल से देव गुरू अस्त हों जाएंगे। खरमास में काई भी मांगलिक कार्य नहीं होता। देव गुरू को मांगलिक कार्यो का कारक ग्रह माना जाता है। इसके अस्त होने पर भी कोई मांगलिक कार्य नहीं होता। 50 दिन के लिए मांगलिक कार्य बाधित हो रहे हैं। मुकंद बल्लभ भट्ट ज्योतिषाचार्य
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होलाष्टक के बाद 8 मार्च से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हुआ था, एक सप्ताह के लिए ही मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सका। अब बुधवार से खरमास का आरंभ हो जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। खरमास के समाप्त होने से पहले ही गुरुदेव बृहस्पति भी 32 दिन के लिए अस्त हो जाएंगे। जो 3 मई तक अस्त रहेंगे।
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खरमास एवं देव गुरू अस्त हो जाने का असर मांगलिक कार्यों पर पड़ेगा। 3 मई तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं हो सकेगा। 4 मई से ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। दो माह तक मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन का मौका मिलेगा। जुलाई से चतुर्मास शुरू हो जाएंगे। जिससे फिर से चार माह के लिए मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। 22 नवंबर के बाद ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, नामकरण, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का आरंभ, वधू प्रवेश, सगाई, विवाह आदि कोई भी कार्य खरमास एवं देव गुरू के अस्त रहने तक नहीं हो सकेगे।
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खरमास 15 अप्रैल को शुुरू हो जाएंगा। जो 14 अप्रैल तक रहेगा। इस बीच 1 अप्रैल से देव गुरू अस्त हों जाएंगे। खरमास में काई भी मांगलिक कार्य नहीं होता। देव गुरू को मांगलिक कार्यो का कारक ग्रह माना जाता है। इसके अस्त होने पर भी कोई मांगलिक कार्य नहीं होता। 50 दिन के लिए मांगलिक कार्य बाधित हो रहे हैं। मुकंद बल्लभ भट्ट ज्योतिषाचार्य