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जिले में कोल्ड स्ट्रोक की दहशत, 24 घंटे में पांच मरीजों की मौत
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20एमएनपी-11-जिला अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ के पास लगी बाल रोगियों की भीड़
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जिले में लगातार गलन भरी सर्दी के कारण कोल्ड स्ट्रोक का खतरा बढ़ा है। जिले में बड़ी संख्या में लोग हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, सर्दी जुकाम और खांसी से पीड़ित मरीजों की भी मौत हो रही है। पिछले 24 घंटे में जिले में हार्ट अटैक से चार मरीजों की मौत हो गई। वहीं सर्दी जुकाम से पीड़ित एक महिला ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड पर यदि नजर डालें तो पिछले सात दिनों में सर्दी जनित बीमारियों से 15 मरीजों की मौत हुई है।
कोल्ड स्ट्रोक के चलते जिले में सर्दी, जुकाम, हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और 55 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या अधिक है। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी शौकत अली की 80 वर्षीय पत्नी नजमा बेगम को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम के साथ पेटदर्द था। परिजनों ने बुधवार की रात उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी राघवेंद्र सिंह की 60 वर्षीय पत्नी सुमन कुशवाहा को बुधवार की रात अचानक सर्दी लग गई, जिससे उन्हें खांसी जुकाम के साथ पलटी होने लगी। परिजन कुछ समझ पाते तब तक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देवपुरा निवासी 68 वर्षीय, अशोक राठौर, शृंगार नगर निवासी 60 वर्षीय वीरावती, आवास विकास निवासी 48 वर्षीय अर्चना सक्सेना को बुधवार की रात हार्ट अटैक पड़ा परिजन इन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सर्दी में कोल्ड स्ट्रोक और हार्ट अटैक के कारण
चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक ठंड के मौसम में शरीर का रक्त हल्का गाढ़ा हो जाता है। इससे तमाम परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसा होने से शरीर में रक्त संचरण कम हो जाता है और रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो जाता है। उनका कहना है कि कि एहतियात बरतकर जान बचाई जा सकती है।
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कोल्ड स्ट्रोक और हार्ट अटैक के लक्षण
- मरीज अचानक चक्कर खाकर गिर जाता है।
- आवाज अचानक गुम हो जाती है।
- हाथ, पैर सुन्न हो जाते हैं। आवाज बदल जाती है।
- कभी-कभी अधिक सर्दी लगने से ब्रेन स्ट्रोक होता है।
- बेरन स्ट्रोक में मरीज कोमा में चला जाता है।
- ब्रेन स्ट्रोक होने पर पैरालाइसिस की संभावना 99 प्रतिशत तक हो जाती है।
- बेहोशी की स्थिति बन जाती है।
बचाव के उपाय
- ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक होने पर तत्काल विशेषज्ञ के पास ले जाएं।
- अधिक ठंड में मार्निंग वाक से परहेज करें।
- धूप निकलने या मौसम ठीक होने पर भ्रमण पर निकले।
- रात के समय अचानक विस्तर ने निकलकर बाथरूम न जाएं। कपड़े पहनकर ही निकलें।
- बाइक चलाते समय गर्म कपड़े पहनकर ही निकले। गले, सिर को ठंड से बचाएं।
इमरजेंसी में हार्टअटैक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड से बचाव कर परेशानियों से बचा जा सकता है। जिन मरीजों को पहले भी ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का दौरा पड़ चुका है, उन्हें और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। पिछले 24 घंटे में अस्पताल में चार मरीज मृत अवस्था में लाए गए जबकि एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हुई।
डॉ. जेजे राम, प्रभारी ईएमओ
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कोल्ड स्ट्रोक के चलते जिले में सर्दी, जुकाम, हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और 55 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या अधिक है। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी शौकत अली की 80 वर्षीय पत्नी नजमा बेगम को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम के साथ पेटदर्द था। परिजनों ने बुधवार की रात उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी राघवेंद्र सिंह की 60 वर्षीय पत्नी सुमन कुशवाहा को बुधवार की रात अचानक सर्दी लग गई, जिससे उन्हें खांसी जुकाम के साथ पलटी होने लगी। परिजन कुछ समझ पाते तब तक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देवपुरा निवासी 68 वर्षीय, अशोक राठौर, शृंगार नगर निवासी 60 वर्षीय वीरावती, आवास विकास निवासी 48 वर्षीय अर्चना सक्सेना को बुधवार की रात हार्ट अटैक पड़ा परिजन इन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सर्दी में कोल्ड स्ट्रोक और हार्ट अटैक के कारण
चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक ठंड के मौसम में शरीर का रक्त हल्का गाढ़ा हो जाता है। इससे तमाम परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसा होने से शरीर में रक्त संचरण कम हो जाता है और रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो जाता है। उनका कहना है कि कि एहतियात बरतकर जान बचाई जा सकती है।
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कोल्ड स्ट्रोक और हार्ट अटैक के लक्षण
- मरीज अचानक चक्कर खाकर गिर जाता है।
- आवाज अचानक गुम हो जाती है।
- हाथ, पैर सुन्न हो जाते हैं। आवाज बदल जाती है।
- कभी-कभी अधिक सर्दी लगने से ब्रेन स्ट्रोक होता है।
- बेरन स्ट्रोक में मरीज कोमा में चला जाता है।
- ब्रेन स्ट्रोक होने पर पैरालाइसिस की संभावना 99 प्रतिशत तक हो जाती है।
- बेहोशी की स्थिति बन जाती है।
बचाव के उपाय
- ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक होने पर तत्काल विशेषज्ञ के पास ले जाएं।
- अधिक ठंड में मार्निंग वाक से परहेज करें।
- धूप निकलने या मौसम ठीक होने पर भ्रमण पर निकले।
- रात के समय अचानक विस्तर ने निकलकर बाथरूम न जाएं। कपड़े पहनकर ही निकलें।
- बाइक चलाते समय गर्म कपड़े पहनकर ही निकले। गले, सिर को ठंड से बचाएं।
इमरजेंसी में हार्टअटैक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड से बचाव कर परेशानियों से बचा जा सकता है। जिन मरीजों को पहले भी ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का दौरा पड़ चुका है, उन्हें और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। पिछले 24 घंटे में अस्पताल में चार मरीज मृत अवस्था में लाए गए जबकि एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हुई।
डॉ. जेजे राम, प्रभारी ईएमओ