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Agra News: गलाघोंटू से बचाव के लिए 4.80 लाख पशुओं को लगेंगे टीके
Sat, 08 Jun 2024 03:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 08 Jun 2024 03:15 AM IST
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कासगंज। गालाघोंटू बीमारी से पशुओं को बचाए जाने के लिए जनपद को 4.80 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है। पशुओं में टीकाकरण के लिए एक लाख वैक्सीन विभाग को मिल चुकी हैं। विभाग द्वारा टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया गया हैं। बारिश के दिनों में इस रोग के बढ़ने की संभावना रहती है।
गलघोंटू बीमारी गोवंशी और महिषवंशीय दोनों पशुओं में होती है। यह बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा जीवाणु से होती है। बीमारी में पशु को तेज बुखार आता हैं, गले व छाती में सूजन हो जाती है, नाक से स्राव होता है। संक्रमित पशु को सांस लेने में परेशानी होती है और पशु के दूध उत्पादन में कमी आ जाती है। टीकाकरण से इसका आसानी से बचाव हो सकता है।
टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां की है। जनपद में मिली एक लाख वैक्सीन से पशुओं का टीकाकरण शुरू किया गया है। शीघ्र ही और वैक्सीन मिलने की उम्मीद विभाग जता रहा है। पशु पालन विभाग द्वारा पशुओं का गांव-गांव जाकर टीकाकरण किया जा रहा है। ताकि पशुओं को उक्त बीमारियों से और पशुपालकों को नुकसान से बचाया जा सके।
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बचाव के उपाय:
- संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें
- संक्रमित पशु के आस-पास चूना का छिड़काव करें
- पशु को गीले व नम मौसम से बचाएं
- वर्ष में दो बार टीकाकरण कराएं
- परेशानी बढ़ने पर पशु चिकित्सक से इलाज कराएं
वर्जन:
4.80 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य जनपद को मिला है। वैक्सीन मिलना शुरू हो गई है। एक लाख वैक्सीन मिल गई है, टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। शीघ्र और वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।-विजयवीर चंद्रयाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, कासगंज।
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गलघोंटू बीमारी गोवंशी और महिषवंशीय दोनों पशुओं में होती है। यह बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा जीवाणु से होती है। बीमारी में पशु को तेज बुखार आता हैं, गले व छाती में सूजन हो जाती है, नाक से स्राव होता है। संक्रमित पशु को सांस लेने में परेशानी होती है और पशु के दूध उत्पादन में कमी आ जाती है। टीकाकरण से इसका आसानी से बचाव हो सकता है।
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टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां की है। जनपद में मिली एक लाख वैक्सीन से पशुओं का टीकाकरण शुरू किया गया है। शीघ्र ही और वैक्सीन मिलने की उम्मीद विभाग जता रहा है। पशु पालन विभाग द्वारा पशुओं का गांव-गांव जाकर टीकाकरण किया जा रहा है। ताकि पशुओं को उक्त बीमारियों से और पशुपालकों को नुकसान से बचाया जा सके।
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बचाव के उपाय:
- संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें
- संक्रमित पशु के आस-पास चूना का छिड़काव करें
- पशु को गीले व नम मौसम से बचाएं
- वर्ष में दो बार टीकाकरण कराएं
- परेशानी बढ़ने पर पशु चिकित्सक से इलाज कराएं
वर्जन:
4.80 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य जनपद को मिला है। वैक्सीन मिलना शुरू हो गई है। एक लाख वैक्सीन मिल गई है, टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। शीघ्र और वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।-विजयवीर चंद्रयाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, कासगंज।